जन सूचना अधिकार (आरटीआई) के तहत पुलिस विभाग से मांगी गई सूचनाओं की मुख्यमंत्री कार्यालय ने समीक्षा की है। इसके आंकड़े भी जारी किए गए हैं। बरेली, आजमगढ़, इटावा और कुशीनगर समेत दस जिले ऐसे छांटे गए हैं, जिनके पास कोई भी जनसूचना आवेदन लंबित नहीं है। टॉप टेन जिलों की सूची में भी बरेली पहले नंबर पर है।
वहीं ऐसे डिफाल्टर दस जिलों की भी एक और सूची जारी की गई है जो तय समय 30 दिन के अंदर सूचनाएँ नहीं दे सके हैं। इनमें प्रयागराज जिले की पुलिस 973 जन सूचनाएं दबाकर सबसे फिसड्डी है। मेरठ ने 702, लखनऊ ग्रामीण में 421, मथुरा पुलिस ने 294 सूचना दबा ली हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय से इन जिलों के खराब प्रदर्शन पर नाराजगी जताई गई है।