बरेली। सेंथल में कई घरों में चोरी की घटनाओं के बाद कागजी लिखापढ़ी में महिलाओं का चालचलन खराब बताकर उनके घरों में मनचलों के आने की बात लिखने वाले एसओ हाफिजगंज सुरेश पाल सिंह को एसएसपी ने लाइनहाजिर कर दिया है। उनके साथ किशोरी से दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो एक्ट हटाने देने के आरोपी एसओ भमोरा श्याम सिंह को भी हटाकर लाइन भेज दिया गया है। इसके अलावा कई और थाना प्रभारियों को इधर से उधर किया है। कुछ दरोगा को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।
इंस्पेक्टर हाफिजगंज सुरेश पाल सिंह और एसओ भमोरा श्याम सिंह को लाइन हाजिर किया गया है। क्योलड़िया एसओ सौरभ सिंह को एसओ भमोरा बनाया गया है। शेरगढ़ एसओ सुरेंद्र सिंह को क्योलड़िया की जिम्मेदारी दी गई है। डीआईजी कार्यालय में तैनात एसआई अश्विनी कुमार को शेरगढ़ की जिम्मेदारी मिली है। पुलिस लाइन से सुरेंद्र सिंह पचौरी को नवाबगंज इंस्पेक्टर बनाकर भेजा गया है। नवाबगंज कोतवाल गौरव सिंह यादव अब मीडिया सेल का काम देखेंगे। मुरादाबाद से आए पंकज पंत कैंट इंस्पेक्टर बनाए गए हैं, कैंट इंस्पेक्टर अवनीश कुमार को क्राइम ब्रांच जांच शाखा में भेजा गया है। पुलिस लाइन से महेंद्र सिंह यादव को हाफिजगंज इंस्पेेक्टर बनाया गया है। बारादरी के इंस्पेक्टर क्राइम विजय कुमार को मीरगंज थाना प्रभारी बनाया गया है, जबकि मीरगंज से इंस्पेक्टर राजवीर सिंह क्राइम ब्रांच भेजे गए हैं। इसके अलावा 12 दरोगाओं को थानों और चौकियों पर जिम्मेदारी दी गई है।
महिलाओं पर टिप्पणी कर विवादों में घिरे थे सुरेश पाल
हाफिजगंज इंस्पेक्टर सुरेश पाल सिंह कई मामलों में विवादित रहे। थाने में खड़ी डॉक्टर की एक्सीडेंट करने वाली कार का नंबर बदलने के मामले में उन पर आरोप लगा। सीओ नवाबगंज ने जांच में उनकी भूमिका पर सवाल भी उठाए, इसके बावजूद उन पर कार्रवाई नहीं हुई। सेंथल कस्बे के कई घरों में चोरी के बाद उन्होंने रिपोर्ट नहीं लिखी। लोगों ने आईजीआरएस के जरिये ऑनलाइन शिकायत की तो उन्होंने जवाब भेजा कि बस्ती के अधिकांश पुरुष दूसरे शहरों में काम करते हैं। घरों में महिलाएं रहती हैं, जिनका चाल चलन ठीक नहीं बताया जाता। मनचले घरों में आते रहते हैं। इसी से जुड़ा कोई मामला है, चोरी नहीं हुई है। हालांकि अफसरों की फटकार के बाद उन्होंने चोरी की रिपोर्ट लिख ली थी।
वसूली की रिकार्डिंग में आया था एसओ भमोरा का नाम
भमोरा एसओ श्याम सिंह को रेंज से बाहर रिलीव किया जाना है। उनके खिलाफ इलाके में खनन, डग्गामार वाहनों से उगाही जैसी शिकायतें थीं। वसूली में निलंबित सिपाहियों की जो ऑडियो रिकार्डिंग वायरल हुई थी, उसमें भी एसओ का नाम लेकर ही रुपये मांगे जा रहे थे। भाजपा कार्यकर्ता पर कार्रवाई के बाद एसओ के खिलाफ सिलसिलेवार शिकायतें हुईं। इनमें किशोरी से दुष्कर्म के एक मामले में पॉक्सो एक्ट हटा देने का भी एक मामला था जिसमें शासन की ओर से उन पर कार्रवाई के आदेश दिए गए है।
पराली विवाद में थाने से नपे सुरेंद्र सिंह को मिली कोतवाली
पराली जलाने की शिकायत करने वाले युवक को पुलिसिया अंदाज में डपटने वाले तत्कालीन शीशगढ़ इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह पचौरी उस वक्त खासी चर्चा में आए थे। उनका ऑडियो खूब वायरल हुआ, इसके बाद डीजीपी ने उन्हें तलब कर लिया। न चाहते हुए भी उस वक्त अफसरों को उन्हें लाइन हाजिर करना पड़ा। उन्हें जल्दी ही कोई थाना मिलने की गुंजाइश नहीं थी पर एक वरिष्ठ पुलिस अफसर का वरदहस्त काम आ गया। उन्होंने खुद एसएसपी से सुरेंद्र सिंह को अच्छी जिम्मेदारी देने की सिफारिश की। इसके बाद उन्हें नवाबगंज जैसी बड़ी कोतवाली का प्रभारी बनाया गया है।