बरेली। बरेली-पीलीभीत-सितारगंज हाईवे निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है। तीन सालों में अब तक महज 40 फीसदी काम हो सका है। कार्यदायी संस्था एनएचएआई के सामने 10 माह में 60 फीसदी काम पूरा करने की चुनौती है। विभाग का दावा है कि निर्धारित समय में काम पूरा कराया जाएगा।
रुहेलखंड मुख्यालय से पीलीभीत होते हुए उत्तराखंड तक सड़क मार्ग से आवागमन सरल बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की तरफ से बरेली से सितारगंज हाईवे का निर्माण कराया जा रहा है। बरेली से सितारगंज हाईवे पर 1300 करोड़ की लागत से मार्च 2023 से काम चल रहा है। इस काम को दो चरणों में कराया जा रहा है। पहले चरण में बरेली-पीलीभीत 32 किमी काम होना है। इसमें अब तक 42 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इस काम को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं दूसरे चरण में पीलीभीत से सितारगंज तक 46 किमी का काम अभी 20 फीसदी हुआ है, जिसको जनवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। शुरुआत में भूमि अधिग्रहण के दौरान इसमें बड़ा घोटाला उजागर हुआ था। घपला उजागर होने के बाद निर्माण कार्य विलंब से आरंभ हुआ। इसके बाद जगह-जगह अवरोध उत्पन्न होते रहे। ...............................
वर्जन ...
बरेली-सितारगंज हाईवे निर्माण की गति तेज हुई है। बरेली-पीलीभीत का काम तेजी से चल रहा है, आगामी दिसंबर 2026 तक पूर्ण करा लिया जाएगा। पीलीभीत-सितारगंज में कुछ अवरोध है, उन्हें दूर करवाने के लिए जिला प्रशासन से सहयोग मांगा गया है। इसका निर्माण जनवरी 2027 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। - नवरत्न, परियोजना निदेशक एनएचएआई