फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: अलीगढ़ डिपो की बस जैसे हादसे का इंतजार कर रहे बरेली के अफसर

Sun, 19 May 2024 05:45 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। परिवहन निगम की बसों के संचालन में सुरक्षा नियमों से खिलवाड़ न रुका तो बरेली परिक्षेत्र में भी अलीगढ़ डिपो की बस जैसा हादसा हो सकता है। कारण, नियम है कि अप-डाउन 600 किमी चलने वाली बस पर दो चालक होने चाहिए, लेकिन बरेली रीजन में 1200 किमी अप-डाउन तक एक ही चालक बस को दौड़ा रहा है। कई रूटों पर अधिकारियों की अनदेखी से नियमों का पालन नहीं हो रहा।
विज्ञापन

अलीगढ़ वाया भरतपुर-अजमेर के बीच चलने वाली अलीगढ़ डिपो की रोडवेज बस एक दिन पहले शुक्रवार दोपहर जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे-21 पर हलैना-तिलचिवी के बीच ओवरटेक करते समय लकड़ी से भरे डंपर से टकरा गई थी। हादसे में पांच महिला यात्रियों की मौत हो गई और 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए। हादसे का संज्ञान शासन ने भी लिया है। इस 1000 किमी से ज्यादा लंबे रूट पर अलीगढ़ डिपो की उक्त बस में एक ही चालक था। नियमानुसार दो चालक होने चाहिए थे। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा न होने से अकेला चालक थका हुआ और मानसिक रूप से दबाव में रहता है।
परिवहन निगम के कर्मियों के अनुसार कर्मचारियों की कमी का यही हाल बरेली में भी है। बरेली और रुहेलखंड डिपो की 1200 किमी तक अप-डाउन चलने वाली बसों को एक ही चालक के साथ चलाया जा रहा है। बरेली-अजमेर अप-डाउन 1205 किमी रूट है। इस पर एक ही चालक बस पर रहता है। इसके अलावा 1018 किमी बरेली-चंडीगढ़, 1020 किमी पीलीभीत-जयपुर, 680 किमी दिल्ली-शाहजहांपुर-बरेली, 664 किमी बरेली-देहरादून, 730 किमी के बरेली-बंडा-दिल्ली रूट की बसों पर भी एक-एक चालक ही है।
विज्ञापन


शासन ने 2019 में आगरा में चालक को झपकी आने के कारण रोडवेज बस नदी में गिरने से 44 यात्रियों की मौत की घटना के बाद 600 किमी या इससे अधिक लंबे रूट पर एक के स्थान पर दो चालकों की ड्यूटी का नियम लागू किया था। इसके बाद भी यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करते हुए जिम्मेदार नियम को नजरअंदाज कर रहे हैं।
-
संविदा भर्ती प्रक्रिया से भी नहीं दूर हो रही कमी
- परिक्षेत्र के बरेली, रुहेलखंड, बदायूं और पीलीभीत डिपो में चालकों की कमी है। इसे दूर करने के लिए परिवहन निगम में संविदा चालकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है, लेकिन मानक कड़े होने के कारण बेहद कम संख्या में ही चालक प्रशिक्षण और फिर परीक्षण में सफल हो पा रहे हैं। बरेली और रुहेलखंड डिपो को ही 80 से ज्यादा चालकों की जरूरत है। इसके अलावा बड़ी संख्या में रोडवेज बसें चुनाव ड्यूटी में भी गई हैं। इस कारण भी इन दिनों चालकों की कमी बढ़ गई है। अधिकारियों का कहना है कि चालकों की भर्ती प्रक्रिया जारी है।
-
वर्जन-

600 किमी या इससे ज्यादा चलने वाली बसों पर दो चालकों की ड्यूटी का नियम है। कुछ बसाें के रास्ते में कई रेस्ट स्टॉपेज हैं, इसके अलावा नाइट स्टे वाली बसें भी हैं। इनमें एक चालक है। रूटों पर औचक जांच की जाएगी। अगर 600 किमी या अधिक लंबे रूट की बसों में नियमानुसार दो चालक नहीं हैं तो कार्रवाई की जाएगी। आरएम और मुख्यालय को भी लिखा जाएगा।
विज्ञापन

- धनजी राम, सेवा प्रबंधक

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें