भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों की रही गूंज
नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में मंगलवार को भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों की गूंज रही। उप सभापति सर्वेश रस्तोगी ने कहा कि ‘20 से 25 लाख रुपये तक के वाल पेंटिंग के काम बिना टेंडर करा दिए गए। ये भ्रष्टाचार नहीं तो क्या है?’ उन्होंने फायदा उठाने वाली कंपनी से एक लिपिक सुमित कुमार की साझेदारी का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। महापौर ने इस पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
पार्षदों ने निगम की आवंटित दुकानों के बदले किरायेदारों का नाम अभिलेखों में दर्ज न किए जाने का मामला उठाया। कहा कि ‘लोगों के पास बाबुओं के फोन जा रहे हैं और उन्हें दफ्तर बुलाया जा रहा है। भ्रष्टाचार के आसार हैं।’ महापौर उमेश गौतम बोले कि ‘ये गंभीर मामला है, कार्रवाई हो।
नामांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन का विकल्प है तो लोग बाबुओं से क्यों बात कर रहे हैं? अफसरों की जिम्मेदारी है कि वे लोगों को बताएं ताकि लोग बिचौलियों के झांसे में न आएं। अगर कोई जानकारी चाहिए तो लोग सीधे निगम में आएं।’ नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स ने कहा कि ‘अगर कोई ऐसा कर रहा है तो उसे चिह्नित कराएं, साक्ष्य लाएं।’
बैठक में महापौर ने पूछा कि ‘ठेके वाले वार्डों से हटाकर किस वार्ड में कितने कर्मचारी तैनात किए गए हैं और पहले से उस वार्ड में कितने कर्मचारी थे?’ नगर स्वास्थ्य अधिकारी इस सवाल का जवाब नहीं दे सके।
महापौर ने कहा कि ‘कुछ तो गड़बड़ है।’ चेतावनी देते हुए बोले ‘...दस दिन में ठीक कीजिए।’ नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि वह निगम में नए हैं। कुछ दिन में काम समझ लेंगे। दिक्कत नहीं आएगी। निर्माण व स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही के आरोप लगे।
ये मुद्दे भी उठे
एक ही पटल पर कई सालों से लिपिक तैनात हैं। यही बाबू जनता के जरूरी काम भी अटका रहे। महापौर ने कहा कि ‘पटल बदलिए और पार्षदों को भी अवगत कराइए।’ सब्जी मंडियों के ठेके नहीं हो रहे हैं, बाहर के लोग जब ठेका लेने आते हैं तो कुछ लोग उन्हें भय दिखाकर लौटा देते हैं। महापौर ने कहा कि ‘सुरक्षाकर्मियों को सतर्क करें, ऐसे लोग पकड़े जाएं।’
कार्यों में प्रथम आने पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित
विकास कार्यों में प्रथम आने पर पार्षद सौरभ कुमार ने महापौर और नगर आयुक्त के लिए धन्यवाद प्रस्ताव रखा। पार्षदों ने ध्वनिमत से पारित किया। नगर आयुक्त ने धन्यवाद दिया। साथ ही गोबर से सीवर और जलनिकासी बाधित होने का जिक्र करते हुए नगर आयुक्त ने कहा कि निजी फर्म के इंतजार में अब और देरी नहीं होगी। निगम फिलहाल अपने संसाधनों से गोबर हटवाने का इंतजाम करेगा।
बोर्ड की बजट बैठक जल्द बुलाई जाएगी। आचार संहिता से पहले निर्माण कार्यों के अधिकतर टेंडर निकालकर काम शुरू कराए जांएंगे। कुटेशन लेकर टूटी पुलियां प्राथमिकता के आधार पर बनेंगी। कुतुबखाना पुल का नाम महादेव सेतु रखा जाएगा। - उमेश गौतम, महापौर