बरेली के जनकपुरी से रविवार शाम लापता हुए सोप और डिटर्जेंट के थोक कारोबारी दीपक गांधी की हत्या कर दी गई। उनका शव सोमवार रात बन्नूवाल नगर में उनकी ही कार की पिछली सीट पर पड़ा मिला। पूरा शरीर केमिकल से जला हुआ था, साथ ही शरीर पर मारपीट की चोटों के भी तमाम निशान थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
प्रेमनगर इलाके में 160 बी जनकपुरी में रहने वाले दीपक गांधी (48) की सौ फुटा रोड पर सोप और डिटर्जेंट का थोक कारोबार है। मॉडल टाउन निवासी उनके भतीजे सूर्यांश के मुताबिक दीपक रविवार शाम पांच बजे कार का पंचर ठीक कराने घर से निकले थे। काफी देर तक नहीं लौटे तो घर वालों ने कई बार उन्हें फोन किया लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। शाम करीब छह बजे फोन स्विच ऑफ हो गया तो परिवार वालों ने उनकी तलाश शुरू कर दी।
चौराहों पर लगे स्मार्ट सिटी के कैमरों में दीपक अकेले सौ फुटा रोड पर कार में जाते दिखे। सौ फुटा रोड पर ही सिंधी रेस्टोरेंट से पता चला कि दीपक ने शाम को ही खाना मंगाकर कार में ही खाया था। उस वक्त उनके साथ कार में पांच लोग थे। रविवार रात 10 बजे परिवार ने थाना प्रेमनगर में गुमशुदगी दर्ज कराई और सोमवार सुबह फिर गली-गली उनकी तलाश में जुट गए।
सोमवार रात नौ बजे महानगर कॉलोनी के सामने बन्नूवालनगर रोड पर चिक्कर इंटरनेशनल स्कूल के पीछे दीपक की कार मिली जिसमें पीछे सीट पर उनका शव पड़ा था। शव किसी केमिकल या तेजाब से पूरी तरह जला हुआ था। चेहरे समेत कई जगह चोटों के निशान थे। एक तरफ का चेहरा सूज गया था। परिवार की सूचना पर पहुंची पुलिस और सीओ फर्स्ट श्वेता यादव ने छानबीन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।