कहा कि इस्लामी तारीख तो ये बताती है कि इस्लाम भारत में आया हुआ नया मजहब है, जिन मुस्लिम बादशाहों ने भारत में सत्ता संभारी उनकी रवादारी और जनता के साथ अच्छे व्यवहार किए। साथ ही सूफियों के भाईचारा के पैगाम ने इस्लाम को फल फूलने का अवसर मिला। भारत में इस्लाम के प्रचार में सूफियों का ही असल योगदान है।
सूफी संतों ने किया धर्म का प्रसार
उन्होंने कहा कि अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती, दिल्ली में ख्वाजा निजामुद्दीन चिश्ती, बंगाल में सूफी हकपंडवी, उत्तर प्रदेश के बहराइच में मसूदगाजि आदि जैसे सूफियों ने धर्म का प्रचार-प्रसार किया, जिसकी वजह से भारत में इस्लाम फैला। इन सूफियों के दरबार में सभी धर्मों के मानने वाले लोग अकीदत के साथ जाते थे, वो सभी को आशीर्वाद दे कर गले से लगाते थे। सूफियों के दरबार में मोहब्बत की बातें होती थीं।