फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बरेली लेखपाल हत्याकांड: तंगी से जूझ रहा था आरोपी ओमवीर...महज 40 रुपये थे खाते में; मनीष को इस लिए बनाया शिकार

Mon, 16 Dec 2024 09:45 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

लेखपाल के अपहरण और हत्या के मामले में जहां परिवार ने फरीदपुर तहसील प्रशासन पर सवाल उठाए हैं, वहीं विपक्ष भी सरकार को घेरने के मूड में है। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने इस मामले में प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है।
विज्ञापन
मृतक की फाइल फोटो और पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लेखपाल मनीष कश्यप हत्याकांड का पुलिस लाइन सभागार में सोमवार को एसएसपी ने खुलासा कर दिया। पीपीटी के जरिये स्क्रीन लगाकर हत्याकांड से जुड़े साक्ष्य पेश किए गए। इसमें हत्यारोपी ओमवीर व उसके मामा नन्हे के बीच वार्ता की रिकार्डिंग अहम सबूत के रूप में पेश की गई। खुलासे पर उठ रहे सवालों पर एसएसपी ने कहा कि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी से अगर कुछ और जानकारी सामने आएगी तो पुलिस उसे भी साझा करेगी।

विज्ञापन
Trending Videos

एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि कॉल रिकार्डिंग, लोकेशन व बैंक खातों की जांच से यह स्पष्ट हो गया है कि मुख्य आरोपी ओमवीर बेहद तंगी से जूझ रहा था। सितंबर में उसके खाते में केवल चालीस रुपये बचे थे। ये भी उसने ऑनलाइन एप से खर्च कर लिए। पांच रुपये का ब्याज बैंक ने उसे दिया तो किसी लोन में कट गया। ऐसे में उसे दुबला पतला मनीष आसान लक्ष्य नजर आया। उम्मीद थी कि मामला ठंडा पड़ते ही चार से पांच लाख रुपये घरवालों से मांगेंगे, दो से तीन लाख आसानी से मिल जाएगा। उम्मीद न थी जो पकड़ जाएंगे।

जिन्न ने दिया था इशारा- अभी हरकत की तो फंस जाओगे
एसएसपी ने लाउडस्पीकर पर दो कॉल रिकार्डिंग सुनवाईं जिसमें ओमवीर की बात रिश्ते के मामा नन्हे कश्यप से हो रही है। दरअसल हत्या के कुछ दिन बाद हुई ये बातचीत पुलिस ने टेप कर ली थी। इसमें ओमवीर लेखपाल के परिवार को लेखपाल के ही उस नबर से कॉल कर रुपये मंगाने को उतावला दिख रहा है जो सिम मोबाइल फेंकने के बाद उसने सावधानी से रख लिया था। प्लान था कि इसी नंबर से कॉल कर फिरौती चलती हुई ट्रेन में ली जाएगी। पांच दिसंबर को यह सिम एक मोबाइल में डालकर भी देखा गया लेकिन इनकमिंग व आउटगोइंग सब बंद थी तो ओमवीर इसे रिचार्ज कराने को उतावला था। मामा नन्हे झाड़फूंक करता था और खुद पर किसी जिन्न का साया बताता था। उसने अपने जिन्न से बात होने का जिक्र कर अभी खतरा बताया।
विज्ञापन

अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा 
लेखपाल के अपहरण और हत्या के मामले में जहां परिवार ने फरीदपुर तहसील प्रशासन पर सवाल उठाए हैं, वहीं विपक्ष भी सरकार को घेरने के मूड में है। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने इस मामले में प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। अखिलेश यादव ने फेसबुक पर लिखा है कि बरेली में कई दिनों से लापता लेखपाल का सिर नाले में मिलने के बाद परिजनों ने उप्र के अंदर चल रही उस सांठगांठ पर अंदेशा जताया है, जिसके एक छोर पर सरकारी भ्रष्टाचार है और दूसरे छोर पर भूमाफ़िया। भूमाफिया ही उत्तर प्रदेश की सरकार चला रहे हैं, बाकी सब तो चेहरे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें