बरेली। स्वास्थ्य और बाल विकास विभाग के फ्रंटलाइन वर्कर (कार्यकर्ताओं) को ''''आयुष्मान'''' बनाने में मंडल में बरेली सबसे पीछे है। बदायूं कार्ड बनाने में अव्वल है। शाहजहांपुर और पीलीभीत का भी प्रदर्शन बेहतर है। अब विशेष शिविर लगाकर लक्ष्य हासिल किया जाएगा।
विभागीय रिपोर्ट के तहत मानदेय पर सेवाएं दे रहीं कार्यकर्ता योजना के तहत आयुष्मान योजना से जुड़ने की मांग कर रही थीं। अब शासनादेश के बाद आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सहायिकाओं के भी कार्ड बन रहे हैं। बदायूं में लक्षित 2,659 आशा परिवार के सापेक्ष 2,504 परिवार (94 फीसदी) के कार्ड बने हैं। शाहजहांपुर में 2,360 परिवारों में से 2,181 परिवारों (92 फीसदी) के कार्ड बने हैं।
पीलीभीत में लक्षित 869 परिवार के सापेक्ष 754 परिवार (87 फीसदी) के कार्ड बने हैं। बरेली में 2,809 आशा परिवार में से 2,391 परिवारों (85 फीसदी) कार्ड बने हैं। यहां 5,646 सदस्य लाभार्थी बने हैं। जिला कोऑर्डिनेटर डॉ. अनुराग अग्रवाल के मुताबिक कार्ड बनाने के लिए सभी टीमें सक्रिय हैं। किसी को कोई दिक्कत है तो वह आयुष्मान मित्र या जिला अस्पताल स्थित कार्यालय पर संपर्क कर सकते हैं।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिका की स्थिति
बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के तहत तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के कार्ड बनाने में भी बदायूं में लक्षित 1,458 परिवार में से 1,232 (84 फीसदी), बरेली में 1,393 में से 1,169 परिवार (84 फीसदी), पीलीभीत में 1,092 लक्ष्य के सापेक्ष 902 परिवार (82 फीसदी), शाहजहांपुर में 1,583 के सापेक्ष 1,273 परिवार (80 फीसदी) आयुष्मान हैं। सहायिका के कार्ड बनाने में पीलीभीत अव्वल, बरेली अंतिम पायदान पर है।
बरेली में 20,674 बुजुर्गों के बने आयुष्मान कार्ड
शासनादेश के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को फैमिली आईडी और आधार के तहत आयुष्मान कार्ड जारी हो रहे हैं। मंडल में अब तक 37,282 बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं। जिलावार देखें तो बरेली में 42,362 बुजुर्गों के लक्ष्य के सापेक्ष 20,674 (48.8 फीसदी), पीलीभीत में 21,713 के सापेक्ष 8,191 (37.7 फीसदी), बदायूं में 42,787 वरिष्ठ नागरिकों के सापेक्ष 13,182, शाहजहांपुर में 36,294 बुजुर्गों के लक्ष्य के मुकाबले 12,246 कार्ड (33.7 फीसदी) बन गए हैं।