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बरेली हुआ संवेदनशील जिलों की सूची से बाहर

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Corona medicine - फोटो : अमर उजाला
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बीते दिनों अति संवेदनशील घोषित होने के बाद मचा था हड़कंप
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यूपी कोविड-19 पोर्टल पर 11559 मामले, 618 सक्रिय संक्रमित

बरेली। जुलाई में पीक पर रहा कोरोना संक्रमण सितंबर के बाद कम होना शुरू हुआ। राहत का यह सिलसिला अक्तूबर में भी बना रहा तो शासन ने बरेली को 10 संवेदनशील जिलों की सूची से बाहर कर दिया। संक्रमितों के स्वस्थ होने की दर के साथ ही मृत्युदर भी एक फीसदी के आसपास ही दर्ज हो रही है। इससे अफसरों ने राहत की सांस ली है।
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जिले में कोरोना संक्रमण का पहला मामला मार्च में सामने आया था, लेकिन अप्रैल तक संक्रमितों की संख्या सीमित रही, मगर मई में हजारों प्रवासियों की वापसी के बाद संक्रमण का ग्राफ तेजी से बढ़ा। हालात ये हो गए कि हर दिन दो सौ से तीन सौ के बीच केस सामने आने लगे। जून, जुलाई और अगस्त में स्थिति बेकाबू हो गई। जुलाई के आखिरी हफ्ते से लेकर 25 अगस्त तक मौतों की दर पांच फीसदी और संक्रमण आठ फीसदी के पार निकल गया। हड़कंप मचा तो खुद मुख्यमंत्री को बरेली आना पड़ा। निर्देश के बाद सख्ती से कोविड प्रोटोकॉल लागू हुआ तो सितंबर से हालात काबू में आए। अब स्थिति यह है कि कोरोना संक्रमण के मामले 1.2 फीसदी और मृत्युदर एक फीसदी दर्ज हो रही है, जबकि लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर नगर, मुरादाबाद, मेरठ, गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, प्रयागराज आदि जिलो में संक्रमण की रफ्तार काफी तेज है।

केस मिल रहे.. अभी राहत नहीं कहेंगे

सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल का कहना है कि कोरोना संक्रमण के मामले कम जरूर हुए हैं, मगर अभी केस मिलने बंद नहीं हुए हैं। इसलिए संक्रमण पर काबू पाने की बात जल्दबाजी होगी। सर्दियों के साथ ही त्योहार का दौर भी शुरू हो गया है। दो महीने अभी परीक्षा के हैं। अगर जनसमुदाय का सहयोग नहीं मिला तो संक्रमण के दोबारा हावी होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। लोगों से अपील है कि वह कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें।

आंकड़ों में बरेली की स्थिति

यूपी कोविड-19 की मंगलवार तीन बजे तक की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में संक्रमण के 11559 मामले सामने आ चुके हैं। 152 मौत और 618 सक्रिय संक्रमित हैं। 10801 स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। अब तक कुल 249772 सैंपल की जांच हो चुकी है। इनमें 160049 एंटीजन, 83490 आरटीपीसीआर, ट्रूनेट से 6233 और बीएसएल-2 से करीब डेढ़ सौ जांच हुई हैं। 2761300 घरों का सर्वे हो चुका है।

लोगों का बेखौफ होना ज्यादा घातक

अक्तूबर शुरू होने के साथ ही अनलॉक-5 के आदेश हो गए हैं। इसके साथ ही मांगलिक आयोजन, अनुष्ठान समेत सामूहिक आयोजन पर अब तक लगे प्रतिबंध से काफी हद तक छूट दे दी गई है। नवरात्र, रामलीला के आयोजन चल रहे हैं। दशहरा, ईद मिलादुन्नबी, क्रिसमस समेत अन्य आयोजन भी कोविड प्रोटोकॉल के तहत होंगे। चिकित्सकों के मुताबिक, सर्दियों और त्योहारों में उमड़ने वाली भीड़ से लोग संक्रमण की जद में आ सकते हैं। अभी एहतियात की जरूरत है।

सात दिनों में संक्रमण की चाल

दिन सैंपल संक्रमित मौत
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19 अक्तूबर 2763 65 1
18 अक्तूबर 3059 34 0
17 अक्तूबर 3356 45 1
16 अक्तूबर 3288 46 0
15 अक्तूबर 3625 46 0
14 अक्तूबर 3502 62 1
13 अक्तूबर 2974 36 0
नोट: आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के अनुसार
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