बरेली के स्वास्थ्य विभाग ने देवचरा निवासी नौ वर्षीय निदा के दिल का निशुल्क ऑपरेशन कराया, जिससे उसे नई जिंदगी मिली है। निदा के दिल में छेद था। अलीगढ़ के मेडिकल कॉलेज में उसकी निशुल्क सर्जरी कराई।
बरेली में जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित देवचरा निवासी नौ वर्षीय निदा को दिल के छेद के सफल ऑपरेशन से नई जिंदगी मिली है। स्वास्थ्य विभाग ने 22 फरवरी को अलीगढ़ के मेडिकल कॉलेज में निशुल्क सर्जरी कराई। इलाज पूरा होने पर अब परिजन बच्ची को लेकर बरेली लौट आए।
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निदा को जन्म से ही दिल में छेद की समस्या थी। भमोरा मोबाइल हेल्थ टीम के डॉ. अंशु मिश्रा और डॉ. सबा खान ने बच्ची की जांच की। बीमारी पता चलने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। पुष्टि के बाद सर्जरी के लिए पंजीकरण हुआ। सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह के निर्देशन में आरबीएसके नोडल अधिकारी डॉ. पवन कपाही ने सर्जरी के लिए निदा को परिजन समेत अलीगढ़ जेएन मेडिकल कॉलेज भेजा। जहां निशुल्क ऑपरेशन किया गया। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) जिला मैनेजर डॉ. पारस गुप्ता के मुताबिक बच्ची घर आ गई है और अब पूरी तरह स्वस्थ है।
सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह के मुताबिक आरबीएसके से जन्मजात हृदय रोग समेत कई गंभीर बीमारियों का इलाज होता है। खर्च सरकार उठाती है। अगर बच्चा जन्मजात दोष के चपेट में है तो परिजन नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र संपर्क कर सकते हैं। अब तक सैंकड़ों बच्चों का इलाज हो चुका है।
आरबीएसके से इन जन्मजात दोष का होता है मुफ्त इलाज
कटे होंठ और तालू, टेढ़े पैर, दिल में छेद, न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट, डाउन सिंड्रोम, मोतियाबिंद, बधिरता, हिप जॉइंट की समस्या, प्रीमैच्योर बच्चों की आंख की बीमारी, एनीमिया, कुपोषण, विटामिन की कमी, दंत, त्वचा, अस्थमा, कान, नाक, गला, मिर्गी रोग, बोलने में देरी, सीखने में समस्या, ऑटिज्म, मानसिक मंदता, शारीरिक विकलांगता, क्षय रोग समेत अन्य जन्मजात दोष का इलाज निशुल्क होता है।