तेजपाल की मौत के बाद उसकी पत्नी को जीविका चलाने में दिक्कत हो रही है। गांव में पहले भी एक समुदाय के लोगों पर इसी तरह के हमले हो चुके हैं। इसलिए तेजपाल के परिवार को सुरक्षा की भी जरूरत है। पैरवी कर रहे पिता हीरालाल को शस्त्र लाइसेंस देने, परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा देने व तेजपाल की विधवा पत्नी को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की गई।
सात दिन में मदद न मिलने पर करेंगे आंदोलन
विहिप नेताओं ने डीएम से कार्रवाई कराने के लिए कहा। विहिप पदाधिकारियों के मुताबिक डीएम ने जवाब दिया कि हर कोई उनके पास ही आ जाता है, आपको जनप्रतिनिधियों से मिलना चाहिए। तब विहिप पदाधिकारियों ने कहा कि हम आपके पास आखिरी बार आए हैं। अगर पीड़ित परिवार को सात दिन में कोई सहायता नहीं मिली तो विहिप कार्यकर्ता पीड़ित परिवार के साथ आमरण अनशन पर बैठने को मजबूर होंगे।
डीएम से मिलने वालों में मृतक तेजपाल की पत्नी अनीता, तेजपाल के माता-पिता रामप्यारी एवं हीरालाल, गौसगंज के ग्रामीण, विहिप के सहमंत्री संजय शुक्ला, जितेंद्र कश्यप, पंडित केके शंखधार, गिरधर खट्टर, केपी गोस्वामी, नितेश वर्मा, आकाश मौर्य आदि शामिल रहे।