बरेली। जेएनयू में कथित देश विरोधी नारे लगाने के आरोपी कन्हैया की रिहाई की मांग गुरुवार को भाकपा और वाम मोर्चा ने की। वहीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने तिरंगा मार्च निकालकर दोषियों को फांसी की सजा की मांग की। लेफ्ट पार्टियों ने इस संबंध में राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन अपर नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा गया है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, सीपीएम, सीपीआई, माले ने मिलकर जेएनयू मामले में कन्हैया को रिहा करने की मांग की है। सीपीएम के जिला सचिव राजीव शांत, सीपीआई के राजेश तिवारी, अफलरोज आलम ने कहा कि मोदी सरकार विरोध के स्वर दबा रही है। बिना जांच के कन्हैया पर देशद्रोह का मुकदमा गलत है। यह लोकतंत्र की हत्या है। कम्युनिस्ट पार्टी के दफ्तराें पर हमले और धमकी दी जा रही है। वामपंथी कार्यकर्ता शुक्रवार को सेठ दामोदर पार्क में जमा होंगे। उधर, एबीवीपी ने रुहेलखंड विश्वविद्यालय में प्रदर्शन किया। प्रदेश सह संगठन मंत्री महेश राठौर, फरीन पटेल, संजना गुप्ता, प्रदेश सहमंत्री अभय चौहान व अजीत पटेल ने कहा कि जेएनयू में विद्यार्थियों ने कैंपस में ही देश विरोधी नारे लगाए और संसद हमले में दोषी आतंकी अफजल की बरसी मनाकर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया। जिस पर कार्रवाई होनी चाहिए।