फायरिंग मामले में नामजद हैं पप्पू भरतौल
पप्पू भरतौल फायरिंग मामले में नामजद किए गए हैं। इस कार्रवाई को उसी घटनाक्रम की प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, बीडीए के अधिकारी मानक पूरे न होने का हवाला दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि निर्माण नक्शे के मुताबिक नहीं किया गया था। इसको लेकर जुर्माना भी लगाया गया था, पर संबंधित आपत्तियों का निराकरण नहीं हो सका था। इसी को लेकर सीलिंग की गई है। कार्रवाई से पहले संयुक्त टीम ने बारादरी थाने में चार घंटे तक बैठक कर रूपरेखा तय की।
भाजपा के पूर्व विधायक पप्पू भरतौल के भाई रमेश मिश्रा के लक्ष्य रिसॉर्ट को सील करने से पहले बीडीए की टीम बारादरी थाने में डेरा डाले रही। जिला प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों के साथ चार घंटे चली मैराथन बैठक में इसकी रणनीति तय की गई। इसके बाद टीम वहां से हरुनगला पहुंची। महज आधे घंटे में रिसॉर्ट को सीलकर वहां से निकल गई।
दो आरोपियों की संपत्तियों पर चल चुका है बुलडोजर
प्लॉट पर कब्जे को लेकर हुई फायरिंग के मामले में अभी सिर्फ मुख्य आरोपी राजीव राना और दूसरे पक्ष के आदित्य उपाध्याय के किले ढहाए गए हैं। पूर्व विधायक समेत 14 लोगों की संपत्तियों की जांच चल रही है। इसमें कितनों के किले ढहाए जाएंगे, इस पर संशय बना हुआ है। बीडीए के अधिकारियों के मुताबिक घटना में शामिल सभी आरोपियों की संपत्ति की जांच चल रही है। पूर्व विधायक पप्पू भरतौल व अन्य की संपत्तियों का ब्योरा खंगाला जा रहा है। अवैध निर्माण पाए जाने पर उनका ध्वस्तीकरण कराया जाएगा।