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बंद ताले में छिपा पांच मौतों का सच: अनीता ने आखिरी बार इनसे की थी फोन पर बात; आठ नंबरों की डिटेल से खुलेगा राज

Wed, 31 Jan 2024 02:42 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

बरेली के फरीदपुर में पांच मौतों का मामले में पुलिस ने अनीता का मोबाइल फोन भी मिल गया है। अनीता ने रात 11 बजे तक बुआ से बात की थी। पुलिस ने पड़ोसियों से पूछताछ कर कई नंबर जुटाए हैं।
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Bareilly Fire News - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के फरीदपुर में एक ही परिवार के पांच लोगों की जलकर मौत के मामले में पुलिस ने तफ्तीश शुरू कर दी है। मलबे से अनीता का जला हुआ मोबाइल फोन भी बरामद हो गया है। इससे रात 11 बजे तक सब ठीक होने की पुष्टि हुई, तब अनीता ने रिश्ते की बुआ से काफी देर तक फोन पर बात की थी।
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नगर के मोहल्ला फर्रखपुर निवासी अजय गुप्ता, उनकी पत्नी अनीता, बेटा दिव्यांश, दक्ष व बेटी दिव्यांका की शनिवार रात बंद कमरे में जलकर मौत हो गई थी। अजय के पिता सुरेश बाबू गुप्ता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की है। 

मंगलवार को पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और बंद कमरे को खोलकर पड़ताल की। घटनास्थल का नक्शा बनाया, वहीं पड़ोसियों के नाम और मोबाइल नंबर नोट कर उनसे पूछताछ भी की। थोड़ी दूरी पर रहने वाली अनीता की बहन ने बताया कि अनीता ने रात 11 बजे तक बरेली में रहने वाली बुआ से फोन पर बात की थी। 
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उनके भाई की शादी तय हुई है। इसी को लेकर बातें होती रहीं। इस घटना के बाद जब बुआ आईं तो उन्होंने इस तरह की जानकारी दी। तब अनीता ने ऐसी कोई बात नहीं बताई थी, जिससे किसी तरह का खतरा या डर की आशंका रही हो। उन्होंने रात 11 बजे के बाद ही यह घटना होने की आशंका जताई।

मिश्रित आबादी के बीच है मकान, तंग गली में सीसीटीवी कैमरे भी नहीं
अजय गुप्ता उर्फ टिंकल परिवार समेत जिस किराये के मकान में रहते थे, वहां मिश्रित आबादी है। चारों तरफ दूसरे समुदाय के लोग रहते हैं। पुलिस अब इलाके के खुराफाती तत्वों को लेकर भी साक्ष्य जुटा रही है। गली में लगभग पांच सौ मीटर परिधि में कहीं भी सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। काफी दूर चौराहे पर लगे कैमरे से कोई साक्ष्य मिलने की उम्मीद नहीं है।

मोहल्ला फर्रखपुर में घटनास्थल वाले घर की गली काफी संकरी है। 500 मीटर की परिधि में कोई भी व्यक्ति एक-दूसरे की छत से होकर कहीं भी आ-जा सकता है। एक से दूसरे छत पर कूदकर गली के उस पार बने मकान तक भी आसानी से जाया जा सकता है। अब पुलिस मोहल्ले के खुराफातियों के अलावा अजय के करीबियों को भी चिह्नित कर रही है। ऐसे लोग भी पुलिस के रडार पर हैं, जिनका पहले कभी अजय से विवाद हुआ था।

तीसरे दिन घटनास्थल पर जांच करने पहुंची पुलिस ने बंद कमरे को खोला। उस दौरान मृतक अनीता का भाई भी साथ में गया। उसने जब बारीकी से देखा तो वहां खून जैसे धब्बे मिले। उसने पुलिसवालों को भी ये धब्बे दिखाए।

हालांकि, पुलिसकर्मियों ने खून के धब्बे होने की बात से इन्कार कर दिया। पानी होने की बात कही तो अनीता के भाई ने तर्क दिया कि घटना के तीसरे दिन तक पानी कैसे रह सकता है। पूरे कमरे में कहीं पानी नहीं है, यह धब्बे खून जैसे ही दिखाई दे रहे हैं।


 

बीस दिन पहले लिया था एक और मोबाइल फोन
अजय के बड़े भाई महेंद्र गुप्ता ने बताया कि अजय के साथ काम कर रहा कारीगर अपना पुराना स्मार्टफोन बेच रहा था। अजय के उस पर कुछ रुपये भी आ रहे थे। बीस दिन पहले अजय ने अपने रुपये काटकर उसे कुछ और रुपये देकर मोबाइल फोन खरीद लिया था। इसके बाद अजय के घर में तीन मोबाइल फोन हो गए थे। पुलिस ने दो जले हुए मोबाइल तो बरामद कर लिए, लेकिन तीसरे फोन का अभी पता नहीं चला है।

मकान खरीदने के लिए दलालों से बनवा रहे थे लोन फाइल
महेंद्र गुप्ता ने बताया कि अजय ने मोहल्ले में ही दुर्गा माता मंदिर के पास 50 वर्गगज का मकान खरीदने की बात कर उसका बयाना भी दे दिया था। मकान खरीदने के लिए उनके पास रुपये नहीं थे। इसके लिए वह अपने पहले से खरीदे प्लॉट पर लोन लेना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने 20 दिन में कई लोगों से संपर्क किया था। इनमें कुछ दलाल तो कुछ बैंक के लोग थे। महेंद्र ने बताया कि उसके बाद उन्हें नहीं पता कि अजय ने लोन लेने के लिए फाइल डाली या नहीं।

 

आठ मोबाइल नंबरों की निकलवाई जा रही डिटेल
पुलिस ने आठ मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल निकलवाने के लिए उन्हें सर्विलांस सेल को दिया है। इनमें अजय व अनीता समेत कुछ और लोगों के नंबर हैं, जिन पर पुलिस को शक है। बताया जा रहा है कि कॉल डिटेल आने के बाद पुलिस को कई अहम सुराग मिल जाएंगे।

 
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रिपोर्ट दर्ज होने के बाद अब विभिन्न बिंदुओं पर विवेचना की जा रही है। इसमें सर्विलांस, स्थानीय इनपुट के साथ ही फॉरेंसिक टीम को मिले साक्ष्य शामिल हैं। दंपती के दोनों मोबाइल फोन मलबे में मिल गए हैं। - मुकेश चंद्र मिश्रा, एसपी देहात
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