व्यावसायिक सिलिंडरों की हो रही कालाबाजारी
रेस्टोरेंट संचालक गौरांग खन्ना ने बताया कि कुछ डिलिवरी मैन व्यावसायिक सिलिंडर ब्लैक में 2500 रुपये तक में दे रहे हैं, जबकि इसकी वास्तविक कीमत 1980 रुपये है। कोयला के दाम भी 3000 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ चुके हैं। व्यावसायिक सिलिंडर जल्द उपलब्ध नहीं होते हैं तो स्थिति जटिल हो जाएगी। फिलहाल एक हफ्ते तक देख रहे हैं, अगर कोई निष्कर्ष नहीं निकलता है तो काम बंद करना पड़ेगा।
सिलिंडर न मिलने से बढ़ गई चिंता
ढाबा संचालक विजय कुमार तलवानी ने बताया कि ढाबे में रोज एक व्यावसायिक सिलिंडर की जरूरत है। अभी तो ब्लैक में मिल रहा है, लेकिन स्टॉक खत्म होने के बाद इसकी उपलब्धता भी नहीं रहेगी। तब कैसे काम चलेगा, यह चिंता का विषय है। व्यावसायिक सिलिंडरों पर रोक कब तक रहेगी, कुछ कहा नहीं जा सकता। वर्तमान स्थिति देखकर लगता है कि ढाबा बंद करना पड़ सकता है।
हमारे पास एलपीजी का विकल्प नहीं
बरेली बैंक्वेट हॉल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष गोपेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि हमारे पास एलपीजी का विकल्प नहीं है। जिनकी बुकिंग ले रखी है, उन्हें तो किसी भी हाल में भोजन उपलब्ध कराना है। कैटर्स भी इसी कारण परेशान हैं। पश्चिम एशिया में छिड़े युद्ध ने हालात को गंभीर बना दिया है। अब तो चिंता इस बात की है कि आने वाले दिनों में जो कार्यक्रम लगे हैं, उन्हें कैसे निपटाया जाए।