विद्यार्थियों को वैदिक संस्कृति के साथ ही तकनीकी शिक्षा भी दी जाएगी। विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी गुरुकुल के छात्र कॅरियर बना सकेंगे। ये विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने में सक्षम होंगे।
किसी भी वर्ग के विद्यार्थी गुरुकुल में प्रवेश ले सकेंगे। अनाथालय के विद्यार्थियों को भी इसमें शिक्षा-दीक्षा दी जाएगी। गुरुकुल पद्धति से संचालित इस विद्यालय में रहकर ही विद्यार्थियों को शिक्षा ग्रहण करनी होगी।
अनाथालय प्रबंध समिति के प्रधान आचार्य ओंकार आर्य ने बताया कि जिले में सनातन संस्कृति एवं वैदिक शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए इसी सत्र से यह गुरुकुल शुरू किया जाएगा। इस तरह का यह जिले का पहला शिक्षण संस्थान होगा।