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बरेली: नगर निगम के पुराने सॉफ्टवेयर का डाटा गायब, नए साफ्टवेयर पर हो रहा ‘खेल’

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बरेली नगर निगम - फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। नगर निगम कराधान विभाग में इन दिनों बड़ा ‘खेल’ चल रहा है। कर निर्धारण के लिए जब से नया सॉफ्टवेयर उपयोग में लाया गया है, तब से इस खेल में और भी तेजी आ गई है। बताया जाता है कि नया सॉफ्टवेयर 2017 से काम कर रहा है। इस नए सॉफ्टवेयर पर अपलोड किए गए आंकड़े भी 2017 से ही गणना कर रहे हैं। ऐसे में इस गणना को आधार बनाकर निगम के कर निर्धारण अधिकारी बड़ा गोलमाल कर रहे हैं। पुराने से पुराने टैक्स पेयर चाहे वह डोमेस्टिक हो या कमर्शियल, उसका नया कर निर्धारण किया जा रहा है। वर्षों पुराने बार और रेस्टोरेंट का कर निर्धारण डाटा तक गायब कर दिया जा रहा है। खासकर स्टेशन रोड के होटल तो निगम के कर विभाग के नक्शे से ही गायब हैं। इसे लेकर नगर आयुक्त कर विभाग के अधिकारियों को फटकार भी लगा चुके हैं।
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गोलमाल की इसी कड़ी में पिछले दिनों एक शादीघर का मामला भी प्रकाश में आया था। पीलीभीत बाईपास रोड स्थित इस शादीघर का रजिस्ट्रेशन नगर निगम के रजिस्टर में 2016 से है। इस तरह इस पर तीन साल का टैक्स लगाया जाना था। पर नए साफ्टवेयर का सहारा लेकर निगम के कर निर्धारण अधिकारियों ने केवल दो साल का 1.96 लाख का ही कर लगाया। इस मामले में निगम के कई अधिकारी और कर्मचारियों का खेल था। मामला नगर आयुक्त और अपर नगर आयुक्त के यहां भी पहुंच गया। सूत्र बताते हैं कि दोनों अधिकारी इसकी जांच करा रहे हैं। यही हाल निगम क्षेत्र की अन्य प्रापर्टियों का भी है। बताया जाता है कि निगम क्षेत्र के कई बीयर बार और रेस्टोरेंट का डाटा ही गायब कर दिया गया है। अब कर निर्धारण विभाग के अधिकारी इनसे निगम के लिए कर लेने के बजाए सुविधा शुल्क वसूल कर रहे हैं।
पुराने सॉफ्टवेयर का डेटा गायब
नगर निगम के कराधान विभाग के अधिकारियों ने नया सॉफ्टवेयर आने और इसके ठीक से काम ना करने का फायदा उठाते हुए पुराने सॉफ्टवेयर और उसका डाटा बेस गायब कर दिया है। पिछले दिनों मामला तब खुला जब कर निर्धारण अधिकारी स्टेशन रोड पर दर्जन भर होटलों के कर निर्धारण और उसकी वसूली का आंकड़ा लेकर वर्तमान नगर आयुक्त अभिषेक आनंद के यहां पहुंचे। नगर आयुक्त ने कर निर्धारण अधिकारी से कहा कि स्टेशन रोड पर डेढ़ सौ से अधिक होटल और लॉज हैं। ऐसे में केवल एक दर्जन होटलों का ही ग्राफ क्यों दिखाया जा रहा है। उन्होंने पांच दिन का समय दिया और सख्त लहजे में पुराने डाटा बेस को दोबारा उपलब्ध कराने और इसके आधार पर सभी वसूलियों की गणना नए सिरे से कर इसकी रिपोर्ट देने को कहा।
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वसूली का नहीं बढ़ रहा ग्राफ
पिछले साल नगर निगम का वसूली आंकड़ा करीब 36 लाख रुपये था। पर इस साल अब तक 15 करोड़ रुपये की ही वसूली हो पाई है। गौरतलब है कि पिछले दिनों प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने यह ग्राफ देखकर मार्च तक शत प्रतिशत वसूली के आदेश दिए थे। पर कर निर्धारण विभाग के अधिकारी काम कर और पब्लिसिटी स्टंट ज्यादा कर रहे हैं। एक दो प्रतिष्ठानों को सील कर बाकियों से सुविधा शुल्क वसूलकर लौट आते हैं, जिसे लेकर नगर आयुक्त ने पिछले दिनों चेतावनी भी दी थी।
नगर निगम क्षेत्र में जितने भी कमर्शियल कांप्लेक्स हैं उनका फिर सर्वे कराया जा रहा है। इसी के अनुसार इनका डाटा नए साफ्टवेयर में फीड किया जाएगा। साथ ही पुराने डाटा को भी कर्मचारियों से मांगा गया है। यदि कहीं भी कर निर्धारण में किसी भी कर्मचारी ने ढिलाई की तो उसे बक्शा नहीं जाएगा। उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- अभिषेक आनंद, नगर आयुक्त, नगर निगम
नगर निगम टीम ने वसूला 14 लाख रुपये का राजस्व
बरेली। नगर निगम की कर निर्धारण टीम ने सोमवार को अभियान चलाकर सिविल लाइन और चौपुला रोड पर 14 लाख रुपये की वसूली की। इस दौरान सिविल लाइन में सत्यपाल के कांप्लेक्स पर करीब आठ लाख 28 हजार का बकाया था। मौके पर टीम ने छह लाख रुपये की वसूली की। वहीं चौपुला रोड स्थित मान्यवर शोरूम से आठ लाख रुपये की वसूली की गई। इस दौरान कर निर्धारण अधिकारी ललितेश सक्सेना, प्रवर्तन दल व अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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