मोहन भागवत के बयान पर दरगाह आला हजरत के मुफ्ती सलीम नूरी बरेलवी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है । उन्होंने कहा कि लोग कौन छोटा है और कौन बड़ा है, भारतीय मुसलमान इसमें नहीं बल्कि बराबरी में विश्वास रखते हैं। यही हमारे देश की पहचान है।
बरेली की दरगाह आला हजरत के वरिष्ठ मुफ्ती सलीम नूरी बरेलवी ने कहा कि भारतीय मुसलमान श्रेष्ठता नहीं बराबरी में विश्वास रखता है। मुफ्ती सलीम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। भागवत ने मंगलवार को संघ के मुखपत्र पांचजन्य को दिए गए साक्षात्कार में मुसलमानों से वर्चस्व और श्रेष्ठता का दावा छोड़ने के लिए कहा था। मुफ्ती सलीम ने कहा कि देश को अंग्रेजों से आजाद कराने में सारे देशवासियों ने कंधे से कंधा मिलाकर अहम रोल अदा किया।
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संघ का नाम लिए बगैर मुफ्ती सलीम नूरी बरेलवी ने कहा कि आजादी दिलाने में कहीं भी उन लोगों की भागीदारी नजर नहीं आती, जो लोग आज देश को बांटने का काम कर रहे हैं। यही लोग अपने हिसाब से देश को चलाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान ने सबको समानता का अधिकार दिया है। संविधान किसी को भी अव्वल या दोयम दर्जे का शहरी करार नहीं देता है। हिंदुस्तान का मुसलमान संविधान में दिए गए अधिकार के अनुसार चलता है। हम लोग कौन छोटा है और कौन बड़ा है, इसमें नहीं बल्कि बराबरी में विश्वास रखते हैं। यही हमारे देश की पहचान है।
मुसलमानों को डराने, भड़काने वाले देश के विरोधी : शहाबुद्दीन
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि मुसलमानों को डराने और भड़काने वाले देश विरोधी हैं। मौलाना ने कहा कि भारत में सुन्नी सूफी बरेलवी मुसलमानों की आबादी बहुसंख्यक हैं। इसलिए केंद्र और राज्य सरकारों में आबादी के हिसाब से हिस्सेदारी मिलना चाहिए। मौलाना ने कहा कि भारत में मुसलमान आजाद हैं। हिंदुस्तान में मुसलमान सुरक्षित हैं और न ही उन्हें किसी से डर है। नेता मुसलमानों को डराने और भड़काने की बात करते हैं।