बरेली में यूरिया मिलाकर अवैध शराब बेचने के आरोपी को कोर्ट ने दोषमुक्त करार दिया।सुनवाई के दौरान पुलिस न तो रवानगी संबंधी जीडी कोर्ट में पेश कर सकी और न ही बरामद यूरिया को दाखिल कर सकी।
बरेली में स्पेशल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट राघवेंद्र मणि ने यूरिया मिलाकर अवैध शराब बेचने के आरोपी सिरौली थाना क्षेत्र के गांव गनेशपुर निवासी पूरन भुर्जी को दोषमुक्त करार दिया है। पुलिस ने रवानगी के बिना ही आरोपी की गिरफ्तारी और फर्जी बरामदगी दिखाई थी। सुनवाई के दौरान मुकदमा पुलिस न तो रवानगी संबंधी जीडी कोर्ट में पेश कर सकी, न ही बरामद यूरिया को दाखिल कर सकी।
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सिरौली थाने के तत्कालीन सब इंस्पेक्टर प्रवीण सिंह ने 12 अक्तूबर 2019 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह कांस्टेबल इकबाल व प्रदीप के साथ वांछितों की तलाश में निकला था। इस दौरान मुखबिर की सूचना पर गनेशपुर गांव की पुलिया के पास से पूरन को गिरफ्तार किया। वह यूरिया मिश्रित शराब बेच रहा था। आरोपी के पास से 20 लीटर अवैध शराब और यूरिया भी बरामद हुई।
अभियोजन पक्ष ने पेश किए थे आठ साक्ष्य
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में आठ साक्ष्य पेश किए। गवाहों के रूप में वादी सब इंस्पेक्टर, उसके हमराह कांस्टेबल, विवेचक व एफआईआर दर्ज करने वाले मुंशी को पेश किया। बचाव पक्ष के तर्क पर अभियोजन पक्ष पूरन से मिली यूरिया कोर्ट में पेश नहीं कर सका। सब इंस्पेक्टर प्रवीण व उसके हमराहों की थाने से रवानगी संबंधी रोजनामचे को भी कोर्ट में दाखिल नहीं किया।
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बचाव पक्ष ने आरोप लगाया कि मजदूरी के रुपये मांगने पर पूरन को झूठा मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया। प्रयोगशाला की रिपोर्ट भी पुष्टि करती है कि जो द्रव पूरन के पास से बरामद बताया जा रहा, उसमें यूरिया मिश्रित नहीं है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने पूरन को दोषमुक्त करार दिया है।