एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की मांग
प्रो. आलोक ने प्राचार्य को पत्र लिखकर एबीवीपी से जुड़े विद्यार्थियों और बाहरी अराजक तत्वों के खिलाफ अनुशासनात्मक एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि जब यह प्राचार्य कार्यालय पहुंचे तो वहां मौजूद छात्रों और बाहरी तत्वों ने उनके साथ गाली-गलौज की। धक्का-मुक्की करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी। घटना प्राचार्य कार्यालय में लगे सीसी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। कॉलेज प्रशासन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए दोषियों की पहचान करने और उनके विरुद्ध सख्त कदम उठाने का अनुरोध किया है।
एबीवीपी ने सौंपा ज्ञापन
एबीवीपी के प्रतिनिधियों ने प्राचार्य को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया है कि एक जिम्मेदार पद पर बैठा व्यक्ति अगर इस तरह की ओछी मानसिकता रखेगा तो संस्थान की गरिमा कैसे बचेगी? उन्होंने यह भी दावा किया कि आलोक खरे पहले भी सोशल मीडिया पर इस तरह की विवादित टिप्पणियां करते रहे हैं और ड्यूटी के दौरान मोचाइल फोन में ही व्यस्त रहते हैं।
बरेली कॉलेज शिक्षक संघ के सचिव प्रो. वीपी सिंह ने बताया कि किसी को किसी भी बात या पोस्ट पर आपत्ति है तो कानून, पुलिस सब मौजूद हैं। दस दिन पहले की गई पोस्ट पर अब प्रतिक्रिया किसी साजिश का हिस्सा प्रतीत होती है। विरोध जताने का ये तरीका पूरी तरह गलत है। प्राचार्य कक्ष में आकर एक शिक्षक की गरिमा को ठेस पहुंचाना निंदनीय है। आवश्यकता पड़ी तो शिक्षक के समर्थन में सख्त कदम उठाएंगे।