बरेली। बरेली कॉलेज इस सत्र से गर्ल्स हॉस्टल दोबारा शुरू करने की तैयारी में है, लेकिन सात महीने के लिए 12 महीने की फीस लेने के चलते छात्राएं आवेदन नहीं कर रही हैं। हॉस्टल में 70 सीटों के सापेक्ष अब तक सिर्फ दस छात्राओं ने हॉस्टल में रहने के लिए आवेदन किया है।
बरेली कॉलेज का गर्ल्स हॉस्टल पिछले कई सालों से बंद पड़ा है। कॉलेज प्रशासन ने हॉस्टल की मरम्मत कराकर इस सत्र से उसे शुरू कराने की तैयारी की। हॉस्टल में करीब 70 छात्राओं के रहने का इंतजाम है, लेकिन अब तक सिर्फ दस छात्राओं ने ही आवेदन किया है। कॉलेज प्रशासन ने कई बार आवेदन की तिथि भी बढ़ाई है लेकिन छात्राएं इसमें रुचि नहीं ले रही हैं। इसकी बड़ी वजह हॉस्टल की ज्यादा फीस बताई जा रही है। छात्राओं का कहना है कि कॉलेज पूरे साल के लिए 10,800 रुपये हॉस्टल फीस और मेस चार्ज अलग से लेगा। एक कमरे में दो से तीन छात्राएं रहेंगी। इस शैक्षिक सत्र के करीब साढ़े तीन महीने पूरे होने जा रहे हैं। कितनी भी जल्दी हॉस्टल शुरू होगा तो नवंबर तो गुजर ही जाएगा। इसके छह महीने बाद परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। ऐसे में वे लोग हॉस्टल में बमुश्किल सात महीने रहेंगी तो फिर कॉलेज को उनसे इतने ही दिन की फीस लेनी चाहिए।
‘हॉस्टल में रहने के लिए अब तक सिर्फ दस छात्राओं ने आवेदन किया है। हमारा प्रयास है कि छात्राओं की संख्या और बढ़ जाए, ताकि उन पर मेस का बोझ न पड़े। हॉस्टल फीस का मामला मैनेजमेंट के समक्ष रखा जाएगा, प्रयास करेंगे कि छात्राओं को कुछ राहत मिल जाए।’
- डॉ. अनुराग मोहन, प्राचार्य, बरेली कॉलेज