बरेली। रसूखदार शिक्षकों के दबाव में बरेली कॉलेज में वरिष्ठता सूची लागू कराने का हाईकोर्ट का आदेश रुहेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन छह महीने से दबाकर बैठा है। मार्च 2019 में हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को वरिष्ठता लागू कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। यही वजह रही कि बरेली कॉलेज में डॉ. पूर्णिमा अनिल की वरिष्ठता दरकिनार कर डॉ. अनुराग मोहन की प्राचार्य पद पर ताजपोशी कर दी गई। वरिष्ठता सूची न लागू करने को लेकर अब हाईकोर्ट में अवमानना वाद दायर करने की तैयारी चल रही है।
बरेली कॉलेज में जुलाई 2017 और जुलाई 2018 में तैयार की गई शिक्षकों की वरिष्ठता सूची में बड़ा अंतर है। जुलाई 2017 की सूची में शिक्षकों की वरिष्ठता कॉलेज में उनकी अस्थाई तैनाती के आधार पर की गई है। वहीं जुलाई 2018 की सूची में वरिष्ठता की गणना स्थायी नियुक्ति की तिथि से की गई है, जिसके चलते ही कई शिक्षकों की वरिष्ठता कई पायदान नीचे खिसक गई है और डॉ. अनुराग मोहन भी इसमें आ रहे हैं। साथ ही इस सूची के अनुसार बरेली कॉलेज के चार-पांच विभागों में अध्यक्ष का बदलना भी तय माना जा रहा है। इस वजह से ही यह रसूखदार शिक्षक इस सूची का विरोध कर रहे हैं और कॉलेज में इसे लागू नहीं होने दे रहे हैं। हालांकि निवर्तमान प्राचार्य डॉ. अजय कुमार शर्मा यह सूची विश्वविद्यालय प्रशासन, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी और शासन को भेज चुके हैं। इसे लागू कराने को लेकर ही पिछले दिनों गणित विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. टीएस चौहान ने भी हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। इस पर हाईकोर्ट में जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा की बेंच ने 29 मार्च 2019 को रुहेलखंड विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को सभी महाविद्यालयों में चार महीने में वरिष्ठता सूची लागू कराने के निर्देश दिए थे। यह अवधि बीत चुकी है, लेकिन विश्वविद्यालय ने इसे लागू कराने की दिशा में अब तक कोई प्रयास नहीं किया है। डॉ. टीएस चौहान ने बताया कि 18 जुलाई को इस संबंध में वह रजिस्ट्रार डॉ. सुनीता पांडेय से मिलकर वरिष्ठता लागू कराने के लिए पत्र भी दे चुके हैं, लेकिन अब तक ध्यान नहीं दिया गया। अब वह हाईकोर्ट में अवमानना वाद दायर करेंगे। इस बारे में बातचीत के लिए रजिस्ट्रार को फोन किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा।
रणनीति के तहत हुई ज्वाइनिंग
बरेली कॉलेज में रविवार छह अक्तूबर से 13 अक्तूबर तक अवकाश है और 14 अक्तूबर तो निवर्तमान प्राचार्य का रिटायरमेंट होना है। पहले चर्चा थी कि उनके रिटायरमेंट पर ही डॉ. अनुराग मोहन प्राचार्य पद का कार्यभार ग्रहण करेंगे। मगर इसकी चर्चा शुरू होते ही वरिष्ठता को लेकर कॉलेज में तमाम चर्चाएं शुरू हो गईं। कहा जा रहा है कि इसलिए 14 अक्तूबर का इंतजार न करके अचानक पांच अक्तूबर को ही उन्हें चार्ज दे दिया गया है। इसके पीछे यह प्लानिंग रही कि अगर कोई दिक्कत भी होगी तो छुट्टियों के बीच कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं हो सकेगी और चीजों को मैनेज कर लिया जाएगा।
वरिष्ठ के सम्मान में डॉ. सोमेश यादव ने दे दिया था इस्तीफा
डॉ. सोमेश यादव तीन बार बरेली कॉलेज में प्राचार्य रहे हैं। दूसरे कार्यकाल में उन्होंने एक जुलाई 2014 को कार्यभार ग्रहण किया था। बताया जाता है कि उनके कार्यकाल के बीच में ही डॉ. आरबी सिंह ने प्राचार्य बनने की इच्छा जताई और मैनेजमेंट के समक्ष अपना दावा प्रस्तुत किया। जब डॉ. सोमेश यादव को यह जानकारी मिली तो उन्होंने प्राचार्य पद से इस्तीफा दे दिया और डॉ. आरबी सिंह प्राचार्य बन गए।
कॉलेज में प्रमुख पदों पर फेरबदल की चर्चा
बरेली कॉलेज में प्राचार्य पद पर डॉ. अनुराग मोहन के काबिज होते ही प्रमुख पदों पर फेरबदल की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कहा जा रहा है कि कुछ प्रमुख पद ऐसे होते हैं, जिन पर प्राचार्य के विश्वासपात्र लोगों को ही जगह मिलती है। शनिवार को ज्वाइनिंग के दौरान ऐसे संकेत भी मिले हैं।