शाहजहांपुर। जिला न्यायालय से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद हाईकोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र डाले जाने को लेकर चिन्मयानंद और छात्रा व उसके दोस्तों के परिजन अलग-अलग वकीलों से कानूनी राय ले रहे हैं कि उन्हें हाईकोर्ट से राहत मिल सके। यह लोग 14 अक्तूबर को हाईकोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र डाल सकते हैं। वहीं छात्रा की सात अक्तूबर को रिमांड पेशी की तारीख है।
20 सितंबर को चिन्मयानंद और फिरौती मामले में सचिन, संजय, विक्रम को गिरफ्तार कर सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया था। जहां से सभी को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था। चिन्मयानंद की रिमांड पेशी सुनवाई तीन अक्तूबर तय की गई थी। निर्धारित तिथि तीन अक्तूबर को रिमांड पेशी के दौरान उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ाते हुए 16 तारीख नियत की गई है, वहीं छात्रा की रिमांड पेशी सात अक्तूबर को नियत है। सोमवार को छात्रा की रिमांड पेशी होनी है। वहीं दोनों पक्ष के आरोपियों के जमानत प्रार्थना पत्र खारिज होने के बाद उन्हें अब हाईकोर्ट जाना पड़ेगा। इसके लिए चिन्मयानंद के वकील और छात्रा के पिता 14 अक्तूबर या उसके बाद हाईकोर्ट जा सकते हैं। छात्रा को चिन्मयानंद से फिरौती मामले में गिरफ्तार कर 25 सितंबर को कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया। दुष्कर्म पीड़ित छात्रा की रिमांड तारीख सात अक्तूबर तय की गई है।
सारा खेल फिरौती के लिए रचा गया
शाहजहांपुर। पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री चिन्मयानंद के अधिवक्ता ओम सिंह ने कहा कि पूर्व एमएलसी जयेश प्रसाद के बयानों और छात्रा के पिता द्वारा कांग्रेस से समर्थन मांगने की बात से भी साबित हो गया है कि चिन्मयानंद को राजनीतिक षड्यंत्र के तहत फंसाया गया है। छात्रा के पक्ष में हाईकोर्ट में मदद के लिए जो लोग खड़े थे, वह कांग्रेस की ओर से खड़े किए गए लोग थे। इस बात को भी जयेश प्रसाद ने बताया है। ओम सिंह ने कहा कि जांच पूरी होने पर स्थिति खुद व खुद स्पष्ट हो जाएगी कि सारा खेल चिन्मयानंद से फिरौती मांगे जाने के लिए रचा गया था। अब कांग्रेस भी चिन्मयानंद के बहाने योगी सरकार को बदनाम कर रही है। ब्यूरो