बरेली। पुलिस-प्रशासन के हस्तक्षेप और निष्पक्ष कार्रवाई के आश्वासन पर सोमवार को बरेली कॉलेज में शिक्षक काम पर लौट आए और प्रवेश प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी गई। वहीं मुख्य प्रवेश समन्वयक डॉ. अनुराग मोहन की तहरीर पर छात्रनेता मोहित कुमार सिंह समेत 20-25 अज्ञात के खिलाफ थाना बारादरी में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
शुक्रवार को बरेली कॉलेज में राजीव नगर निवासी छात्रनेता मोहित कुमार सिंह का मुख्य प्रवेश समन्वयक डॉ. अनुराग मोहन से विवाद हो गया था। मोहित ने डॉ. अनुराग मोहन के खिलाफ एससी-एसटी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस पर शिक्षक संघ ने प्रवेश प्रक्रिया का बहिष्कार कर दिया था। सोमवार को कॉलेज तो खुला, लेकिन शिक्षक संघ का विरोध जारी था। सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट मदन कुमार, सीओ थर्ड कुलदीप कुमार और सीओ एलआईयू एसके बाजपेयी कॉलेज पहुंचे। प्राचार्य डॉ. अजय शर्मा और शिक्षक संघ से बात की गई। अफसरों ने आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच और सुरक्षा का आश्वासन दिया तो दोपहर करीब 12 बजे शिक्षकों ने काउंसलिंग प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी। वहीं दोपहर बाद डॉ. अनुराग मोहन की तहरीर पर थाना बारादरी में छात्रनेता मोहित कुमार सिंह और 20-25 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इसमें डॉ. अनुराग ने आरोप लगाया है कि मोहित ने नेतागिरी चमकाने और रुतबा दिखाने के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया। प्रवेश प्रक्रिया को बाधित कर महत्वपूर्ण दस्तावेज फेंकने की कोशिश की और विरोध पर वीडियो बनाने लगा। साथ ही गाली-गलौज कर अपमानित किया और मारने की धमकी दी।
पुलिस को सौंपी वीडियो फुटेज
इस विवाद को लेकर कॉलेज प्रशासन ने पुलिस को एक वीडियो फुटेज भी सौंपी है, जिसमें छात्रनेताओं और छात्रों को हंगामा करते हुए दिखाया गया है। छात्रनेताआें का कहना है कि यह फुटेज प्राचार्य कार्यालय की है जबकि घटना सेमिनार कक्ष में हुई। बताया जाता है कि इस फुटेज का हंगामा देखकर ही पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है।
मुख्यमंत्री और एससी-एसटी आयोग में शिकायत
अफसरों ने प्राचार्य कक्ष में ही छात्रनेता मोहित को बुलाकर प्रकरण की जानकारी ली। शिक्षकों ने मोहित को आउटसाइडर बताया तो मोहित ने परिचित के एडमिशन के लिए आने की बात कही। इसके बाद मोहित ने एडीजी अविनाश चंद्र से मिलकर शिकायत की और मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने बारादरी पुलिस को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं मोहित ने एससी-एसटी आयोग और मानवाधिकार आयोग में भी शिकायत की है। इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी ई-मेल भेजकर शिकायत की है।
अचानक शुरू हुए प्रवेश, नहीं पहुंचे छात्र-छात्राएं
कॉलेज में विवाद के चलते सोमवार को प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने की संभावना कम थी। मगर पुलिस-प्रशासन के दखल के बाद दोपहर में इसे शुरू कर दिया गया। यह सब अचानक होने के चलते कम छात्र-छात्राएं ही कॉलेज पहुंचे थे।
फिर बहाल होगी पुरानी व्यवस्था ब्लैकलिस्ट होंगे खुराफाती छात्र
बरेली। कॉलेज में आए दिन होने वाले विवादों को देखते हुए बरेली कॉलेज एक बार फिर पुरानी व्यवस्था शुरू करने की तैयारी में है। इसके तहत खुराफाती छात्रों को ब्लैकलिस्ट में शामिल कर उन पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पुलिस-प्रशासन को सूची उपलब्ध कराकर मुचलका पाबंद भी कराया जाएगा।
बरेली कॉलेज में डॉ. जोगा सिंह होठी के चीफ प्रॉक्टर रहने के दौरान खुराफाती छात्रों की सूची तैयार कर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाता था। अंतिम बार वर्ष 2007 में डॉ. आरपी सिंह के प्राचार्य रहते यह सूची तैयार की गई थी। मगर उनके जाने के बाद यह प्रक्रिया ठंडी पड़ गई। वर्ष 2007 के बाद से अब तक किसी छात्रनेता को ब्लैकलिस्ट नहीं किया गया है। मगर मुख्य प्रवेश समन्वयक से विवाद के बाद कॉलेज प्रशासन अब इस तैयारी में है। चर्चा है कि करीब दर्जन भर छात्रनेताओं के नाम इस सूची में डाले जा सकते हैं। इस सूची की कॉपी पुलिस को भी उपलब्ध कराई जाएगी और खुराफातियों को मुचलका पाबंद किया जाएगा। चीफ प्रॉक्टर डॉ. वंदना शर्मा ने बताया ब्लैक लिस्ट करने को लेकर प्राचार्य से बात हुई है और अब यह प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाएगी।