बरेली/ नवाबगंज। मिलक पिछौड़ा के बाद शरारती तत्वों ने सोमवार को नवाबगंज इलाके के करूआ साहिबगंज गांव का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। कांवड़ियों के नए रास्ते से निकलने की अफवाह फैली तो दूसरे समुदाय के लोग विरोध में उतर आए, जिससे गांव का माहौल गरमाने लगा। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों की पंचायत कराने के बाद विवाद सुलझा दिया। एहतियातन करूआ साहिबगंज में पुलिस-पीएसी तैनात कर दी गई है।
सावन के दूसरे सोमवार को जिले भर के शिवालयों में जलाभिषेक किया गया। इसी बीच करूआ साहिबगंज गांव से कांवड़ियों के नए रास्ते से गुजरने की अफवाह फैली। हालांकि वहां से कांवड़िया चार अगस्त को रवाना होंगे। कांवड़ियों के नए रास्ते से निकलने का पता लगने पर दूसरे समुदाय के लोग विरोध करने लगे। चर्चा के बीच गांव के लोग दो गुटों में बंटे तो माहौल गरमाने लगा। पता लगते ही क्योलड़िया थाने के दरोगा तिलकराम व सूरजपाल सिंह पुलिस और पीएसी के साथ मौके पर जा पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों के लोगों से अलग-अलग बात की। इसके दोनों पक्षों के लोगों को साथ बैठाकर पंचायत की। बातचीत के दौरान दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे थे, जिससे कई बार आपस में झड़पें हुईं। मगर मौके पर मौजूद पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर शांत किया। आखिर में तय हुआ कि कांवड़िया पूर्व से निर्धारित रास्ते से होकर निकलेंगे। इस पर दोनों पक्षों ने अपनी लिखित सहमति भी दे दी। इसके बाद दोनों पक्षों के लोग अपने घरों को चले गए।
कांवड़िया जिस रास्ते से पूर्व के वर्षों में जाते आते रहे समझौते के अनुसार उसी रास्ते से गुजरेंगे। इस पर दोनों पक्षों में सहमति बन गई है। - रियाज अहमद, ग्राम प्रधान करूआ साहिबगंज
कांवड़ियों के परंपरागत रास्ते से निकलने पर दोनों पक्ष सहमत हैं। कोई नई परंपरा नहीं डालने दी जाएगी।
- विजय प्रताप सिंह, थाना प्रभारी क्योलड़िया