42वें रॉयल हाईलैंडर्स का मुख्यालय भी था कॉलेज
कॉलेज के पहले प्रधानाध्यापक ब्रिटिश शिक्षक रोजर्स थे। 1850 में इसे सरकारी डिग्री कॉलेज के रूप में मान्यता दी गई थी। तब कॉलेज की इमारतों का प्रयोग 42वें रॉयल हाईलैंडर्स के मुख्यालय के रूप में हुआ था। करीब सालभर कॉलेज अंग्रेजों के अधीन रहा।
रामपुर के नवाब ने दान में दी थी भूमि
वर्ष 1904-05 में कर्जन के शिक्षा अधिनियम के तहत बरेली कॉलेज प्रबंध तंत्र को अलग से भवन बनाकर शिक्षण शुरू न करने पर अनुदान बंद होने की चेतावनी मिली। तब प्रबंध तंत्र की मांग पर रामपुर के नवाब हामिद अली खां बहादुर ने 110 एकड़ भूमि कॉलेज को दान में दी थी। वर्ष 1905 में इसी परिसर में सभागार का शिलान्यास आगरा प्रांत के लेफ्टिनेंट गवर्नर जेम्स डिग्शलॉट्स ने किया था। वर्ष 1906 में नए भवन का उद्घाटन हुआ। ये भवन मुगल यूरोपियन समन्वित वास्तुकला का प्रतीक है।
कॉलेज में सुविधाएं और संचालित पाठ्यक्रम
कॉलेज में स्विमिंग पूल, खेल मैदान, वॉलीबॉल कोर्ट, जिम्नेजियम जैसी सुविधाएं हैं, पर देखरेख के अभाव में सभी धूल फांक रहे हैं। विधि, शिक्षा, कला, विज्ञान, वाणिज्य पाठ्यक्रम संचालित हैं। दूरस्थ शिक्षा के लिए इग्नू, पत्रकारिता कोर्स भी संचालित हैं। शोध कार्य भी हो रहे हैं। प्रोफेशनल कोर्स में डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स भी संचालित हैं। नई शिक्षा नीति के तहत प्राइवेट प्रवेश स्थगित हैं।
प्राचार्य प्रो. ओपी राय ने बताया कि बरेली कॉलेज बरेली-मुरादाबाद मंडल का ऐतिहासिक संस्थान है। नैक से ए-ग्रेड प्राप्त है। बेहतर शैक्षणिक माहौल से विद्यार्थी प्रवेश लेने के लिए उत्सुक रहते हैं। कुछ वजहों से कॉलेज का मेंटेनेंस नहीं हो पा रहा। वह काम भी जल्द ही कराया जाएगा।