आरोप: लखनऊ से आया कॉल, मुझे अपशब्द बोले
सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने बताया कि डीएम ने वार्ता के लिए बुलाया था। आरोप लगाया कि वह डीएम आवास पर 45 मिनट तक बंधक रहे। कहा कि मैंने सचिव दीपक पांडेय को फोन किया कहा कि मुझे बंधक बनाकर रखा हुआ है। जब मैंने इनको कॉल कर दिया और डीएम और एसएसपी साहब को बता दिया तब तुरंत छोड़ दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि षड्यंत्र यह रचा गया कि मैं रातभर बंधक रहूं और इसी आवास में पड़ा रहूं। लखनऊ से किसी कॉल आया था। मुझे अपशब्द बोले गए।
सिटी मजिस्ट्रेट ने लगाया ये आरोप
सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने के बाद डीएम व अन्य अधिकारियों से मिलकर वापस लौटे अलंकार अग्निहोत्री ने मीडिया के सामने बड़ा बयान दिया। पहली बात तो उन्होंने अपने को डीएम आवास पर बंधक बनाए जाने की खबर सार्वजनिक की और दूसरी बात में उन्होंने डीएम को लखनऊ के एक अधिकारी से आई कॉल के बारे में बताया। कहा कि डीएम अविनाश सिंह संबंधित अधिकारी से फोन पर स्पीकर ऑन कर बात कर रहे थे, तभी दूसरी तरफ से लखनऊ के संबंधित अधिकारी ने अपशब्द कहे। सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने आवास खाली करने के लिए उन्होंने अपने समर्थकों को सरकारी बंगले पर बुलाया है। यहां उनके समर्थक पहुंच रहे हैं।
गौरव ट्रस्ट के संस्थापक ने उतार दिए कपड़े, सरकार के विरुद्ध नारेबाजी
अखंड भारत गौरव ट्रस्ट के संस्थापक अनिल मुनि भी अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफा देने की खबर पाकर सिटी मजिस्ट्रेट के बंगले पर पहुंचे थे। इन्होंने सरकार की नीतियों के विरुद्ध इतनी अधिक नाराजगी जाहिर की कि मीडिया के कैमरों के सामने ही अपने कपड़े उतार दिए। अर्धनग्न अवस्था में अनिल मुनि ने कहा कि आज स्वर्ण समाज के कपड़े उतर गए हैं। यूजीसी बिल पर सवाल उठाते हुए कहा कि संसद में कोई कानून पास होता है तो हंगामा मच जाता है, लेकिन इस बिल पर किसी ने कुछ नहीं बोला।
डीएम बोले- आरोप गलत और भ्रामक
बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कहा कि सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को बंधक बनाने की बात पूरी तरह से गलत और भ्रामक है। पीसीएस अधिकारियों की मौजूदगी में ही चाय पीते हुए सामान्य तरीके से उनसे बातचीत कर यह समझने का प्रयास किया गया कि अचानक उन्होंने इस्तीफा देने का निर्णय क्यों लिया। शेष, अन्य कोई बात नहीं थी।