बरेली में राजधानी एक्सप्रेस में एक फौजी ने अपने साथियों से कोरोना की बातचीत करते हुए सनसनी फैला दी। वह कह रहा था कि वह कोरोना पॉजिटिव है। यह सुनते ही बोगी में बैठे अन्य यात्रियों में खलबली मच गई। एक यात्री ने रेलवे कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दे दी। उसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जंक्शन पर फौजी को उतार लिया।
पता लगा कि वह शराब पीए हुए था। फौजी कहने लगा कि वह मजाक में कोरोना की बात कह रहा था। सच्चाई का पता लगाने के लिए टीम उसे 300 बेड अस्पताल ले गई, लेकिन जांच से पहले ही फौजी अस्पताल से भाग गया। यह पता ही नहीं चल सका कि वह सच बोल रहा था या झूठ।
गुवाहाटी के तेजपुर में तैनात एक फौजी बुधवार सुबह डिब्रूगढ़-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस से नई दिल्ली जा रहा था। साथ में उसके दो साथी भी थे। जिनका रिजर्वेशन बी-1 कोच में था। आपस में मजाक करते हुए फौजी ने कहा कि वह कोरोना पॉजिटिव है।
उस समय ट्रेन शाहजहांपुर के पास से गुजर रही थी। फौजी के मुंह से कोरोना संक्रमित की बात सुनते ही कोच में बैठे यात्री घबरा गए। एक यात्री ने मुरादाबाद रेलवे कंट्रोल रूम को मेसेज कर दिया। ट्रेन में कोरोना संक्रमित की सूचना मिलते ही मुरादाबाद मंडल कार्यालय में भी हड़कंप मच गया।
कंट्रोल रूम ने जंक्शन स्टेशन अधीक्षक सत्यवीर सिंह को मेसेज करके तुरंत ही स्वास्थ्य विभाग की टीम बुलाकर यात्री को उतारने को कहा। सवा ग्यारह बजे ट्रेन जैसे ही जंक्शन पर पहुंची फौजी को बोगी से नीचे उतार लिया गया। वह काफी नशे में था।
इस दौरान राजधानी एक्सप्रेस 10 मिनट तक जंक्शन पर ही खड़ी रही। बी-1 कोच को सैनिटाइज कराया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम फौजी को अपने साथ शहर के 300 बेड कोविड अस्पताल ले आई। वहां स्वास्थ्य कर्मी उसे बैठाकर पर्चा बनवाने गया, इसी दौरान फौजी अस्पताल से भाग गया।
उसका कोई पता नहीं चल सका। फौजी के भाग जाने के कारण यह भी पता नहीं चल सका है कि वह संक्रमित था भी या नहीं। अब कोच में सवार यात्रियों से लेकर रेलवे स्टाफ तक असमंजस की स्थिति में है। वहीं तीन सौ बेड अस्पताल के सीएमएस डॉ. बागीश वैश्य का कहना है कोई भी संदिग्ध कोविड मरीज उनके अस्पताल में नहीं आया है।