बरेली। लंबे समय के बाद आखिर बरेली बार एसोसिएशन की यूपी बार काउंसिल से संबद्धता बहाल हो गई। इस खुशी में अधिवक्ताओं ने मिठाई बांटी। अब अधिवक्ताओं को पहले के मुकाबले ज्यादा सुविधाएं मिलेंगी। बरेली बार की कार्यप्रणाली में भी बदलाव आएगा।
बरेली बार एसोसिएशन का बार काउंसिल ऑफ यूपी से संबद्धीकरण 1984 में कराया गया था। 2013 के बाद संबद्धता का नवीनीकरण न होने के कारण मॉडल बायलॉज के मुताबिक काम नहीं हो पा रहा था। दूसरी ओर गुटबाजी भी सामने आ रही थी।
इस बार नई कार्यकारिणी के चुनाव के बाद एक गुट ने एडवोकेट बार के नाम से नया संगठन पंजीकृत करा लिया। पिछले दिनों अधिवक्ता अंतरिक्ष सक्सेना ने बरेली बार के यूपी बार से संबद्धीकरण की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया।
इसके बाद बार पदाधिकारियों से संबद्धता को जल्द बहाल कराने की आश्वासन मिला। नई प्रक्रिया के बाद बरेली बार की यूपी बार से संबद्धता का नवीनीकरण कराया गया है। यह संबद्धता 2028 तक मान्य होगी। वरिष्ठ उपाध्यक्ष हुलासी राम गंगवार और संयुक्त सचिव प्रकाशन शांतनु मिश्रा ने बताया कि वकीलों की समस्याओं के समाधान के लिए अब मुखर तरीके से लड़ा जाएगा।