बरेली। राजेंद्र नगर स्थित बांके बिहारी मंदिर के पिछले भाग स्थित बारात घर और मंदिर परिसर का भंडारा कक्ष मंगलवार को नगर निगम की कर निर्धारण टीम ने सीज कर दिया। कर निर्धारण टीम के अनुसार बारात घर पर 60 लाख का टैक्स बकाया था। इसे लेकर स्थानीय लोग उत्तेजित हो उठे। उनका आरोप था कि नगर की कर निर्धारण टीम ने भवन सीज करते वक्त मंदिर कमेटी के अध्यक्ष जेपी भाटिया के साथ अभद्र व्यवहार किया। अपशब्दों का इस्तेमाल भी किया। उत्तेजित लोग बांके बिहारी मंदिर के मुख्य गेट पर आ गए और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। रोड भी जाम कर दी। मौके पर मेयर के पहुंचने पर भी नहीं माने। दोषी अधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़ गए। कराधान अधिकारियों के मौके पर पहुंचते ही धरनारत लोग बेकाबू हो उठे। मारपीट पर आमादा हो गए। हालांकि मेयर व मौके पर मौजूद पुलिस के प्रयासों के बाद मामला किसी तरह संभाला। बाद मेें कर निर्धारण अधिकारी के माफी मांगने व सील खोलने पर मामला शांत हुआ।
नगर निगम की कर निर्धारण टीम मंगलवार को राजेंद्र नगर स्थित बांके बिहारी मंदिर के पीछे स्थित बारातघर को सीज करने पहुंची। दोपहर बारह बजे टीम ने इसके संचालक व मंदिर कमेटी के अध्यक्ष जेपी भाटिया से बारातघर पर 60 लाख का हाउस टैक्स बकाया होने की बात कही। इसे उन्होंने भरने में असमर्थता जताई। इस पर निगम टीम ने बारातघर, मंदिर परिसर स्थित भंडारा कक्ष, बारात घर का ऑफिस, जनरेटर भवन आदि सीज कर दिया। इस दौरान कमेटी के अध्यक्ष जेपी भाटिया व स्थानीय लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। आरोप है कि निगम के प्रवर्तन दल के एक सिपाही व एक अधिकारी आरपी सिंह ने अपशब्दों का प्रयोग शुरू कर दिया। इसके बाद निगम टीम भवन सील कर मौके से चली गई।
इधर, स्थानीय लोगाें ने मंदिर कमेटी के अध्यक्ष जेपी भाटिया से अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए मंदिर के मुुख्य द्वार पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका कहना था कि जेपी भाटिया 85 साल के हैं। ऐसे में निगम टीम की बदसलूकी के दौरान उन्हें कुछ हो भी सकता था। ये लोग निगम की कर निर्धारण टीम के अधिकारियों व प्रवर्तन दल के सिपाही के निलंबन की मांग करने लगे। थोड़ी ही देर में आसपास के सैकड़ों लोग मौके पर जुट गए। इन लोगों ने बांके बिहारी मंदिर के सामने के सड़क यातायात बाधित कर दिया। घटना की जानकारी होते ही नगर विधायक डॉ. अरुण कुमार मौके पर पहुंचे। वह भी धरनारत लोगों के साथ धरने में बैठ गए। इसके बाद बीजेपी नेता गुलशन आनंद, महानगर अध्यक्ष डॉ. केएम अरोड़ा समेत कई हिंदू संगठनों के लोग मौके पर पहुंचकर मंदिर से जुड़े बारातघर के सीज करने का विरोध करने लगे। थोड़ी ही देर में वहां पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने धरनारत लोगों से सड़क खोलने को कहा, पर लोग नहीं माने। इस दौरान सभासद तिलक राज टूटेजा, शोभित सक्सेना, सतीश खातिब, अमित अरोड़ा, अश्विनी ओबराय, हरजीत सिंह पिक्का, सुदेश अग्रवाल, नवीन अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में लोग धरने पर बैठे रहे।
निगम के खिलाफ लगते रहे नारे
धरनारत लोगों ने नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। पंजाबी महासभा के अध्यक्ष संजय आनंद ने कहा कि बारात घर के साथ इस तरह मंदिर के भंडारगृह को सीज करना कहीं से भी ठीक नहीं है। फिर एक वृद्घ के साथ बदसलूकी और अपशब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए था। इस दौरान निगम की कराधान टीम के सदस्यों को मौके पर बुलाने की मांग की। वह उनके निलंबन की भी मांग करने लगे।
मेयर आए तो उन्हें भी धरने पर बैठने को कहा
बांके बिहारी मंदिर पर बैठे आंदोलनरत लोगों का पारा लगातार चढ़ता जा रहा था। करीब दो बजे मौके पर मेयर उमेश गौतम भी पहुंच गए। उन्हें देखते ही धरनारत लोग उनके पास गए और उन्हें भी धरने पर बैठने को कहा। इस पर उमेश गौतम ने कहा कि वह धरने पर बैठने नहीं बल्कि धरना खुलवाने और लोगों की मांगे पूरी करने आए हैं। कहा कि जो कुछ भी हुआ उसके लिए वह खुद माफी मांगते हैं। वह सील को अभी खुलवा रहे हैं। इस पर आंदोलित लोग नहीं माने। मेयर से निगम के कर निर्धारण व प्रवर्तन टीम के दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों को मौके पर बुलाने और उनसे माफी मंगवाने की मांग की। लोगों की जिद के आगे मेयर ने भी निगम की कर निर्धारण टीम व प्रवर्तन दल के सिपाहियों को मौके पर बुला लिया। उन्हें देखते ही मौके पर लोग उत्तेजित हो उठे। हालांकि कर निर्धारण टीम के कर निर्धारण अधिकारी ललितेश सक्सेना को देखकर लोगों ने ‘ये वो नहीं है’ कहना शुरू कर दिया। बाद में मौके पर कुलदीप सिंह के पहुंचे जिन्हें देखकर लोगों ने उन्हें खींचना शुरू कर दिया।
मेयर ने लोगों के सामने डांटा और लोगों के गुस्से से बचाया
इस दौरान मेयर उमेश गौतम ने कुलदीप सिंह को लोगों से बचाते हुए उन्हें डांट लगाते रहे। कहा कि आपने क्यों जेपी भाटिया से बदसलूकी की। कुलदीप सिंह कहते रहे कि उन्होंने कोई बदसलूकी नहीं की। इस दौरान 50 से अधिक लोग उन्हें घेरे रहे। मानों अभी खींच कर ले जाएं। हालांकि तभी मौके पर मंदिर कमेटी के अध्यक्ष जे.पी भाटिया पहुंचे और उन्होंने कुलदीप सिंह को निर्दोष बताया। कहा कि कमांडो दल के केवल एक सिपाही व एक आर.पी सिंह नाम के अधिकारी ने बदसलूकी की। यह सुनते ही लोगों का झुंड निगम के कमांडो दस्ते की ओर चल पड़ा। वहां सिपाही जिसका नाम संजय बताया जा रहा है, लोगों के गुस्से का शिकार होने ही वाला था कि पुलिस मौके पर पहुंच गई और उसने लोगों को रोका। इसी बीच सिपाही को साथी सिपाहियों ने वहां से निकाल लिया। इस पर एक बार फिर लोग उत्तेजित हो गए। वह मेयर के पास आए और दोबारा सिपाही व कर निर्धारण अधिकारी आर.पी सिंह को बुलाने की मांग करने लगे।
काफी जद्दोजहद के बाद माने लोग
इस दौरान मेयर लोगों से लगातार निगम के कर्मचारी की ओर से माफी मांगते रहे। उन्होंने कहा कि आपके साथ जो भी बदसलूकी हुई है, उसकी कोई रिकार्डिंग हो तो दें, एफआईआर कराई जाएगी। कर निर्धारण अधिकारी कुलदीप सिंह से भी माफी मंगवाई। साथ ही संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई का आश्वासन भी दिया। बाद में कुछ व्यापारी नेताओं के बीच बचाव में मेयर के साथ उतरने पर लोगों ने सील खुलवाने की बात कही। इस पर मेयर ने कर निर्धारण अधिकारी ललितेश सक्सेना व कुलदीप सिंह को ताले खोलने को कहा। निगम टीम ने तुरंत सीज किए गए भवन व मंदिर परिसर के सभी छह तालों को खोल दिया। इसमें बारात घर, मंदिर परिसर का भंडारा गृह, बारातघर का मंदिर परिसर स्थित दफ्तर, जनरेटर रूम व अन्य दो गैलरी में लगाए गए तालों को खोल दिया गया। लोगों ने प्रसाद बांटकर अपनी खुशियों का इजहार किया।
अभद्रता करने वाले कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई
स्थानीय लोगों ने कर निर्धारण टीम के अधिकारी पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है। मामले की जांच कराई जाएगी। यदि किसी कर्मचारी का दोष सिद्घ होगा तो उसपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - उमेश गौत, मेयर, नगर निगम