बरेली। नील गायों का झुंड ट्रैक पर आने से जननायक एक्सप्रेस पलटने से बच गई। ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेेक लगाकर ट्रेन रोकी, जिससे कई यात्री बर्थ से गिरकर चुटैल हो गए। रसुइया में ट्रेन करीब 20 मिनट तक खड़ी रही, जिससे रेल यातायात बाधित रहा। उधर, पितांबरपुर स्टेशन पर जनसाधारण एक्सप्रेस रोक दी गई।
मंगलवार की दोपहर 4:20 बजे दरभंगा से अमृतसर जाने वाली जननायक एक्सप्रेस (15211) तेज गति से गुजर रही थी। रसुइया स्टेशन के पास करीब आधा दर्जन नील गायें पटरी पर आ र्गइं। अचानक आई नील गायों को देखकर ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकने की कोशिश की, तब तक एक गाय इंजन की चपेट में आ गई और उसके मांस के लोथड़े इंजन के पहियों में फंस गए। अचानक ब्रेक लगने से कई यात्री बर्थ से गिरकर जख्मी हो गए।
रेलवे कंट्रोल मुरादाबाद को सूचना देने के बाद ड्राइवर ने मांस के लोथड़ों को पहियों से निकाला, जिससे ट्रेन करीब 20 मिनट तक रसुइया स्टेशन पर ही खड़ी रही, जिससे अप लाइन का रेल यातायात बाधित रहा। इस दौरान जननायक एक्सप्रेस के पीछे आ रही जनसाधारण एक्सप्रेस को पितांबरपुर स्टेशन पर ही रोक दिया गया।
इससे पहले भी बिलपुर स्टेशन के पास नील गायों का झुंड इंजन से टकरा गया था, जिससे रेल यातायात बाधित रहा था। जंक्शन के आरपीएफ इंस्पेक्टर विपिन सिसौदिया ने इस संबंध में सीडीओ को पत्र लिखा है जिसमें जंगली गाय और अन्य जानवरों पर रेल पटरी पर आने से रोक लगाने की मांग की गई है।
कोच में जगह नहीं मिली तो हैंडिल पकड़कर लटकी महिला
अकाल तख्त एक्सप्रेस के साधारण कोच में एक महिला हैंडिल पकड़कर लटक गई। यह देखकर प्लेटफार्म पर खड़े यात्रियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। गार्ड ने ट्रेन रोकी, जिसके बाद महिला को कोच में बैठाया गया। शाम पांच बजे अमृतसर से कोलकाता जाने वाली अकाल तख्त एक्सप्रेस जंक्शन पर पहुंची। कोच में भीड़ अधिक होने के कारण वह कोच में नहीं चढ़ सकी। ट्रेन चलने पर वह साधारण कोच के हैंडिल को पकड़कर लटक गई और ट्रेन के साथ घिसटने लगी। यह देखकर यात्रियों की सांसेें थम गईं। उन्होंने शोर मचा दिया, जिसके बाद गार्ड ने ट्रेन को रोक दिया और महिला को अंदर बैठाया गया। यह महिला लखनऊ जा रही थी।
रात भर टूटी पटरी से गुजरती रहीं ट्रेनें
परसाखेड़ा और रामपुर के पास पटरी चटकने से हड़कंप मच गया। हालांकि इससे कोई ट्रेन प्रभावित नहीं हुई, लेकिन रातभर टूटी पटरी से ट्रेनें गुजरती रहीं। मंगलवार की सुबह ट्रैक मैन ने अप लाइन (लखनऊ से मुरादाबाद की ओर) परसाखेड़ा स्टेशन के पास पटरी चटकी देखी। उसने तुरंत ही परसाखेड़ा के स्टेशन मास्टर को सूचित किया। इसके बाद रामपुर के पास भी पटरी चटकी देखी गई। उस समय मुरादाबाद से कोई ट्रेन बरेली के लिए नहीं थी, लेकिन रात भर ट्रेनें टूटी पटरी से गुजरती रहीं। इससे रेलवे कंट्रोल मुरादाबाद में हड़कंप मच गया। मौके पर इंजीनियरिंग टीम ने पटरी की मरम्मत की। इसके बाद मेरठ सिटी-लखनऊ राज्यरानी एक्सप्रेस और लालगढ़-डिब्रूगढ़ गुवाहाटी एक्सप्रेस को काशन पर गुजारा गया।