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बरेली: केसर चीनी मिल की जमीन की नीलामी फिर टली, डीडी जमा न करने पर तीन खरीदार बाहर, किसानों ने किया हंगामा

Sat, 24 Oct 2026 04:30 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बहेड़ी (बरेली)

सार

बरेली के बहेड़ी की केसर चीनी मिल पर किसानों के 162 करोड़ रुपये बकाया भुगतान के मामले में जमीन की नीलामी फिर टल गई। शनिवार को नीलामी की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन नियमों के चलते नीलामी को स्थगित करना पड़ा। इससे नाराज किसानों ने जमकर हंगामा किया। 
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नीलामी स्थगित होने पर भड़के किसान, हंगामा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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बरेली के बहेड़ी की केसर चीनी मिल पर किसानों के 162 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान के मामले में प्रशासन द्वारा कुर्क की गई जमीन की नीलामी एक बार फिर नहीं हो सकी। तहसील परिसर में शनिवार को हुई नीलामी प्रक्रिया में नियमों का पेच फंस गया, जिससे एडीएम वित्त को नीलामी स्थगित करनी पड़ी। जिसके बाद किसानों ने जमकर हंगामा किया।

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जिला प्रशासन ने 16 जुलाई 2025 को केसर चीनी मिल की ग्राम मुड़िया मुकर्रमपुर, नैनीताल रोड हाईवे किनारे स्थित 11.443 हेक्टेयर जमीन कुर्क की थी। यह इस जमीन की दूसरी नीलामी थी, इससे पहले हुई नीलामी को आरोपों के चलते जिलाधिकारी ने निरस्त कर दिया था। 

अफसरों की मौजूदगी में शुरू हुई नीलामी 
शनिवार दोपहर ठीक एक बजे एडीएम वित्त संतोष कुमार सिंह और एसडीएम गोपाल शर्मा के नेतृत्व में नीलामी प्रक्रिया शुरू हुई। मौके पर गन्ना विभाग और चीनी मिल के अधिकारी भी मौजूद रहे। नियमानुसार बोली लगाने वालों से साढ़े तीन करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट मांगा गया था। 
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नीलामी में चार खरीदार पहुंचे, लेकिन शर्त केवल एक ही कर पूरी सका। एएनजी इंफ्रा इंजीनियरिंग प्रा.लि. बरेली ने ही साढ़े तीन करोड़ का डिमांड ड्राफ्ट जमा किया, जबकि किच्छा के घ्यासी लाल अग्रवाल, रुद्रपुर की एपी ट्रेडर्स आकांक्षा ऑटोमोबाइल और किच्छा के ही अजय पाल यादव ने चेक जमा कर दिए।

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इसलिए स्थगित करनी पड़ी नीलामी 
दोपहर 2:30 बजे जांच के बाद एडीएम वित्त ने स्पष्ट किया कि नियम व शर्तों के अनुसार केवल डिमांड ड्राफ्ट ही मान्य है, चेक किसी भी दशा में मान्य नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी चीनी मिल की खरीद में चेक बाउंस हो चुका है। इसलिए चेक स्वीकार नहीं किया जा सकता। नीलामी के लिए कम से कम तीन खरीदार होना अनिवार्य है और वर्तमान में केवल एक ही पात्र है, लिहाजा नीलामी स्थगित की जाती है।

आदेश सुनते ही तहसील परिसर में मौजूद किसान भड़क गए। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी जगत सिंह, तहसील अध्यक्ष राजेश गुप्ता, रालोद के सचिन चौधरी, भाकियू भानु के युवा प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर अनुज ठाकुर, गन्ना समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष नरेंद्र सिंह सहित कई किसानों व वकीलों ने एडीएम का घेराव कर हंगामा शुरू कर दिया।

किसानों ने दो मांगें रखीं, या तो डीडी जमा करने वाले को ही जमीन दे दी जाए, या चेक लाने वालों को भी बोली में शामिल किया जाए। एडीएम ने दोनों ही तर्क नियम विरुद्ध बताकर खारिज कर दिए। किसानों का आरोप था कि प्रशासन चेक लाने वालों से लिखित में कारण पूछ रहा है, फिर बोली से वंचित क्यों कर रहा है?
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धरने पर बैठे किसान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसी बीच मौके पर पहुंचे पूर्व ब्लॉक प्रमुख व भाजपा नेता मोहन सिंह ने कहा कि प्रशासन ने इतनी कड़ी शर्तें लगा दी हैं कि डीडी जमा करना मुमकिन ही नहीं है। इस बात को लेकर उनकी एडीएम से तीखी बहस भी हुई। आक्रोशित किसान नीलामी हॉल में ही जमीन पर धरने पर बैठ गए। 

अफसरों के आश्वासन पर शांत हुए किसान 
गन्ना समिति के अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष भी उनके साथ बैठ गए। स्थिति बिगड़ती देख एडीएम फाइनेंस खुद किसानों के बीच जमीन पर बैठे और उन्हें समझाया। उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि सोमवार तक और खरीदारों के डिमांड ड्राफ्ट आ जाते हैं, तो जल्द ही नीलामी प्रक्रिया पूरी करा दी जाएगी, जिसके बाद किसान शांत हुए।
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