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शहर में जलाया जा रहा कूड़ा, निगम अधिकारी चालान काटकर खुश

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बरेली। पिछले दिनों पीस इंडिया की एक रिपोर्ट में बरेली को देश का छठां सबसे प्रदूषित शहर घोषित कर दिया गया। यहां वायु प्रदूषण के मानक पीएम-10 के तहत 60 की बजाय 400 से अधिक माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक पाया गया। अब भले ही इसके लिए प्रशासन और नगर निगम शहर में हो रहे निर्माण को इसका जिम्मेदार बता रहा हो, पर शहर मेें खुले मेें जलाया जा रहा कूड़ा भी इसके लिए कम जिम्मेदार नहीं है। शहर के अलग-अलग इलाकों मेें रोजाना दर्जनों जगहों पर खुलेआम कूड़ा जलाया जाता है। निगम अधिकारी इसका चालान काटने का दावा भी करते हैं, पर इसकी जड़ कूड़ा निस्तारण व्यवस्था को ठीक करने पर उनका कोई ध्यान नहीं है।
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दरअसल, शहर में रोजाना करीब 450 टन कूड़ा निकलता है। इस कूड़े के निस्तारण के लिए पहले रजऊपरसपुर कूड़ा निस्तारण केंद्र बनाया गया पर एनजीटी और कोर्ट के चक्करों के चलते इसका कभी संचालन नहीं हो सका। इसके बाद बाकरगंज कूड़ा निस्तारण केंद्र बनाया गया जहां कूड़ा डंप किया जाने लगा। यह केंद्र भी नहीं चल सका। पर निगम अधिकारी आज भी शहर का कूड़ा यहीं डंप किए जाने के दावे करते हैं। पर हकीकत में यहां शहर का दो तिहाई कूड़ा ही डाला जा रहा है। सूत्रों की माने तो निगम द्वारा हाल ही में जिन डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली एजेंसियों को लगाया गया है, वह अपना कूड़ा बाकरगंज की बजाए शहर के बाहरी इलाकों में यहां वहां फेंक रही हैं। वहां इनमें आग लगा दी जाती है। वहीं, शहर के 50 से अधिक वार्डों में कूड़ा उठान की कोई व्यवस्था ही नहीं है। इसके चलते यहां सफाई कर्मी और स्थानीय लोग भी कूड़े को इकट्ठा कर इसमें आग लगा रहे हैं। हालांकि निगम अधिकारी इस तरह की घटनाओं में बड़े पैमाने पर चालान काटने का दावा भी करते रहे हैं। पर रोजाना हो रही इन घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने में ये अधिकारी भी नाकाम नजर आते हैं। वह केवल चालान के भरोसे बैठे हैं जबकि शहर की आबोहवा बद से बदतर होती जा रही है।

इन इलाकों में खुले में डंप और जलाया जा रहा कूड़ा
श्मशान के आगे सरायतल्फी के पास एक खाली पड़ी जमीन में लगातार कूड़ा डंप किया जा रहा है। यहां अक्सर कूड़ा जलते हुए देखा जाता है। यही हाल जोगी नवादा के पास स्थित रामलीला मैदान का है। यहां भी निगम का कूड़ा डंप किया जा रहा है। यहां भी अक्सर कूड़ा जलता देखा जाता है। इसके अलावा शहर के अन्य इलाकों में और विभिन्न वार्डों में भी धड़ल्ले से कूड़ा जलाया जा रहा है।
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नगर निगम खुले में कूड़ा जलाने को लेकर संवेदनशील है। पिछले तीन महीने के अंदर करीब ढाई सौ चालान काटे गए हैं। सवा लाख रुपये की वसूली भी की गई है। जहां तक कूड़ा यहां वहां डंप करने की बात है तो यह पूरी तरह गलत है। निगम का पूरा कूड़ा बाकरगंज प्लांट में ही डंप करने को कहा गया है। यदि कोई एजेंसी खुले में कूड़ा फेंक रही है तो इसकी जांच कराकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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- संजीव प्रधान, पर्यावरण अभियंता, नगर निगम
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