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UP News: बरेली में 45 करोड़ रुपये की आतिशबाजी से प्रदूषित हुई हवा, शहर में दिनभर छाई रही धुंध

Fri, 01 Nov 2024 07:01 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

Bareilly AQI: दिवाली पर शहरवासियों ने जमकर आतिशबाजी की। देर रात तक यह सिलसिला चलता रहा। इसका नतीजा शुक्रवार सुबह देखने को मिला। पूरे शहर में धुंध छा गई। दोपहर तक एक्यूआई 200 के करीब पहुंच गया। 
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बरेली में छाई धुंध - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में दिवाली पर आतिशबाजी के बाजार ने कारोबार का रिकॉर्ड बनाया। करीब 45 करोड़ रुपये के पटाखे जले, जिसका असर शुक्रवार को शहर की हवा पर दिखा। ग्रीन पटाखे जलने के बावजूद वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) करीब दो सौ दर्ज हुआ। पूरा शहर धुंध की चादर में लिपटा रहा।

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पंच दीपोत्सव पर्व की शुरुआत धनतेरस से हुई। अगले दिन छोटी दिवाली पर रात 12 बजे तक शहर का एक्यूआई 110 यानी सामान्य रहा। लेकिन दिवाली पर बृहस्पतिवार की शाम से पटाखे जलने शुरू हुए तो एक्यूआई में भी उछाल दर्ज होता रहा। रात बजे तक एक्यूआई का स्तर 130 दर्ज हुआ। जो शुक्रवार सुबह 11 बजे 150, दोपहर एक बजे 170, दोपहर तीन बजे 180, शाम पांच बजे तक 196 जा पहुंचा। एक्यूआई में बढ़त का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। दूसरी ओर, हवा में घुले प्रदूषण से शहर पर सुबह से ही धुंध की परत छाई रही।

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दोपहर में कुछ देर चली तेज हवा से हल्की धुंध छंटने पर धूप निकली। शाम पांच बजे के बाद फिर शहर पर धुंध मंडराने से शाम पांच बजे ही अंधेरा सा छाने लगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक साल दर साल एक्यूआई कम हो रहा है। बीते वर्ष एक्यूआई 208 था।

हवा में घुले प्रदूषण के कण
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. सतीश चंद्रा के मुताबिक पहाड़ों से शहर में प्रवेश कर रही हवा में नमी का स्तर 80 फीसदी के पास है। पटाखों के जलने से उत्सर्जित हानिकारक गंधक, पोटाश, कार्बन मोनो ऑक्साइड आदि गैसों के कण फंस जाते हैं। जो संघनित होकर धुंध की परत बनाते हैं। ऐसी स्थिति में सांस के साथ ये गैसें भी शरीर में प्रवेश करती हैं। सांस रोगियों की तकलीफ बढ़ती है। सामान्य लोगों के गले में खराश सी होती है।

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निर्माण कार्य शुरू होने पर और बढ़ेगा प्रदूषण
दिवाली पर प्रदूषण का स्तर बीते वर्षों से कम होने की एक वजह यह भी है कि पंच दीपोत्सव पर्व पर विभागों में अवकाश है। निर्माण कार्य अभी ठप हैं। भैया दूज त्योहार मनाने के बाद कार्य शुरू होंगे। तब तक अगर एक्यूआई सामान्य नहीं हुआ तो इसके और बढ़ने की आशंका भी है। वहीं, लंबे समय तक प्रदूषण का स्तर ऑरेंज लेवल पर दर्ज होने से सरकारी, निजी अस्पतालों की ओपीडी में सांस रोगियों के बढ़ने की आशंका है।
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आवासीय इलाके की हवा सांस लेने लायक नहीं
प्रदूषण विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो व्यावसायिक इलाके के सापेक्ष आवासीय इलाके की हवा दम घोंटू रही। आवासीय क्षेत्र राजेंद्र नगर का एक्यूआई 259 यानी सामान्य से करीब डेढ़ सौ एक्यूआई ज्यादा हानिकारक स्तर (ऑरेंज) पर दर्ज की गई। जबकि सिविल लाइंस के व्यावसायिक क्षेत्र सिविल लाइंस की हवा का एक्यूआई 132 (येलो) रहा। तेज हवा या बारिश होने तक प्रदूषण का स्तर शहर पर हावी रहने का अनुमान है।

पटाखों की बिक्री ने भी बनाया रिकॉर्ड
दिवाली पर बीते वर्ष करीब 25 करोड़ का कारोबार हुआ था पर इस वर्ष आंकड़ा 45 करोड़ के पार जा पहुंचा। उप्र उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता के मुताबिक कारोबार में बढ़त की एक वजह बीते वर्ष से कीमत ज्यादा होना और दूसरी वजह, त्योहार को हर्षोल्लास से मनाने के लिए जेब की परवाह न करना रहा। कई कारोबारियों ने पटाखों को अधिकतम खुदरा से भी ज्यादा कीमत पर भी बेचा।
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