भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने इफको को जमीन देने वाले किसानों की मांगें 40 दिन के अंदर पूरी करने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि किसानों से किया कोई वादा केंद्र सरकार ने पूरा नहीं किया। जून में हरिद्वार के वार्षिक सम्मेलन में रणनीति तय कर यूपी में किसान आंदोलन फिर शुरू किया जाएगा।
इफको के खिलाफ भूदाता किसानों को नौकरी देने के मुद्दे पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए लंबे समय से आंदोलन कर रहे किसानों की महापंचायत में आए राकेश टिकैत ने कहा कि दिल्ली में लंबे किसान आंदोलन के बाद केंद्र सरकार ने तीनों कृषि कानून तो वापस ले लिए मगर इस दौरान किसानों से जो वादे किए थे, उन पर अमल नहीं किया। किसानों के लिए हर फसल का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने का भाकियू का शुरू से जोर रहा है मगर एमएसपी को कानूनी शक्ल देने के लिए भी कुछ नहीं किया गया है।
इफको आंवला के खिलाफ चल रहे आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि भूदाताओं को नौकरी देना इफको का पहला दायित्व है। ग्राम समाज की जो भूमि इफको के कब्जे में है, उसे प्रशासन और जगह की तरह बुलडोजर चलाकर खाली कराएं। टिकैत ने कहा कि जून में हरिद्वार में होने जा रहे भाकियू के वार्षिक सम्मेलन में किसान आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी। इसमें इफको आंवला का भी मामला जोड़ा जाएगा। सम्मेलन में ही स्थान और तारीख तय करने के बाद उत्तर प्रदेश में बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।