प्रदेश के 55 चीनी मिलों में बिजली उत्पादन करके कमाए गए 10.8 अरब रुपयों को प्रदेश सरकार ने विद्युत विभाग से सीधे अपने कब्जे में लेकर किसानों के गन्ना बकाए में बंटवाने का फैसला लिया है। गन्ना आयुक्त ने बरेली सर्किल की बहेड़ी सहित आठ चीनी मिलों के 1.44 अरब रुपये बिजली विभाग से मांगे हैं, जिसका किसानों में भुगतान किया जाएगा।
बरेली की आठ चीनी मिलों ने गन्ना पैराई सत्र में नवंबर 2015 से से मार्च 2016 तक 463485 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया है। जिसमें से 295271 मेगावाट बिजली विद्युत विभाग की ग्रिड में सप्लाई की है, शेष बिजली को अपने यहां इस्तेमाल किया। ग्रिड में डाली गई बिजली की एवज में विद्युत विभाग की ओर से 4 रुपये 85 पैसे लेकर 5 रूपये 13 पैसे प्रति यूनिट की दर से भुगतान का प्रावधान है। यह राशि चीनी मिलों को इसी माह में दी जानी है लेकिन इन मिलों की ओर से किसानों के गन्ने का करीब 3.45 अरब रूपया बकाया है। किसानों की इतनी अधिक राशि बकाया होने के कारण प्रदेश सरकार ने फैसला लिया है कि बिजली विभाग की ओर से जो रकम मिलों के लिए मिलेगी, उससे किसानों को गन्ने के बक ाए का भुगतान करा दिया जाएगा। इसके बावजूद किसानों की जो भी बकाया राशि होगी, उसे चीनी की बिक्री कराके भुगतान कराया जाएगा।
ये है बिजली उत्पादन का आंकड़ा
मिल बिजली का उत्पादन (मेगावाट) ग्रिड में सप्लाई रकम(करोड़ में) बहेड़ी 68530 46434 25.86
फरीदपुर 81017 57422 25.4 मीरगंज 20987 5205 2.28
बिसौली 60202 37086 19.65
पीलीभीत 101946 64190 30.81 बरखेड़ा 19645 15360 7.51
मकसूदापुर 80288 55351 27.06
निगोही 30870 14223 5.56
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‘शासन के निर्देश पर चीनी मिलों की इस राशि को सीधे किसानों के बकाए का भुगतान करा दिया जाएगा। बहेड़ी की चीनी मिल ने तो पिछले सत्र का भी किसानों को भुगतान नहीं किया है।’ दिनेश्वर मिश्र, उपायुक्त चीनी