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खूनी कट- बड़ा बाईपास नवदिया चौराहे पर खतरा बरकरार

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बरेली। दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर बड़ा बाईपास नवदिया झादा में बीसलपुर रोड पर खतरनाक कट बन गया है। यहां आए दिन होने वाले हादसों से हर साल कई लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ रही है। एक्सीडेंट जोन नवदिया झादा कट पर फ्लाईओवर बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी ने सर्वे कराया था। यहां करीब सौ करोड़ के बजट से लगभग एक किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर को बनाने की डीपीआर तैयार हुई थी, लेकिन एनएचएआई के एनओसी देने से इनकार के कारण इस प्रोजेक्ट को अब झटका लगा है।
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एनएच-24 पर शहर के बाहर रजऊ परसपुर और परसाखेड़ा के बीच एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने बड़ा बाईपास बनाया है। इस बाईपास पर नवदिया झादा और पूरनपुर के पास बरेली से बीसलपुर जाने वाली सड़क का कट है। बरेली से बीसलपुर के बीच हर दिन सैकड़ों वाहन बड़े बाईपास को क्रॉस करते हुए निकलते हैं। यहां सालभर में हादसों में दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है और कई घायल हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि बड़े बाईपास के कट से बीसलपुर तक रोड नेशनल हाईवे को हस्तांतरित हो चुकी है। इससे इस रोड पर यातायात का दबाव और भी ज्यादा बढ़ेगा। इसे देखते हुए पीडब्ल्यूडी बीसलपुर रोड के कट पर बड़ा बाईपास के ऊपर फ्लाईओवर बनाने की तैयारी कर रहा था। शुरूआती सर्वे में इस फ्लाईओवर की लंबाई कम से कम 1000 मीटर आंकी गई है। क्योंकि आने वाले समय में अगर बड़ा बाईपास आठ लेन या उससे भी ज्यादा चौड़ा हो तो फ्लाईओवर को लेकर दिक्कत न हो। जबकि एनएचएआई के अधिकारियों ने इस फ्लाईओवर को बनाने के लिए एनओसी देने से मना कर दिया। उनका कहना है कि कुछ नियम हैं। इसलिए किसी दूसरी संस्था को फ्लाईओवर बनाने को अनुमति नहीं दी जा सकती है।

कई विभागों में बीच फंसा है पेच
फ्लाईओवर के लिए बड़ा बाईपास से बरेली की तरफ का हिस्सा पीडब्ल्यूडी के पास है। जबकि बीसलपुर की ओर रोड एनएच को ट्रांसफर हो चुकी है और बड़ा बाईपास रोड एनएचएआई की है। इसलिए प्रोजेक्ट के लिए पीडब्ल्यूडी को एनएच और एनएचएआई दोनों से अनापत्ति लेनी होगी। करीब सौ करोड़ का फ्लाईओवर को सेतु निगम से बनाया जाना प्रस्तावित था।
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फ्लाईओवर बनाने के लिए होगा आंदोलन
क्रांतिकारी विचारमंच के संरक्षक देव स्वरूप पटेल ने सीएम से यहां फ्लाईओवर बनाने की मांग की थी। उनका कहना है कि यह कट इतना खतरनाक है कि फ्लाईओवर बनाए बिना हादसों को नहीं रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि फ्लाईओवर के लिए अब संघर्ष शुरू किया जाएगा।

‘प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा की बैठक में भी यह मामला उठा है। एनएचएआई ने एनओसी देने से इनकार क्यों किया है.. इसकी जानकारी मुरादाबाद परियोजना कार्यालय से मांगी गई है। मामले का जल्द निस्तारण होगा।’
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- वीरेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी
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