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हड़ताल का असर: बैंकों में पड़े ताले, बरेली में कारोबारियों के पास अटकी करोड़ों की नकदी, दो दिन और होगी दिक्कत

Fri, 11 Sep 2026 08:15 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

देशव्यापी हड़ताल के तहत यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बरेली में शुक्रवार को बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने सिविल लाइंस स्थित इंडियन बैंक के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में बैंककर्मियों ने नारेबाजी कर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं। 
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बैंक कर्मियों ने हड़ताल कर किया प्रदर्शन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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देशव्यापी बैंक हड़ताल का असर शुक्रवार को बरेली जिले के बैंकिंग, कारोबारी गतिविधि पर दिखाई दिया। डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई सेवाएं जारी रहने के बावजूद नकदी जमा, चेक क्लीयरेंस आदि प्रभावित रहे। वहीं, दो दिन बैंक बंद होने से जमा कैश की चिंता संचालकों को सता रही है। सबसे ज्यादा असर उन कारोबारियों पर पड़ा, जिनका रोजाना भारी नकदी का कारोबार है। 

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पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी, किराना कारोबारी, मंडी के आढ़ती, थोक व्यापारियों की दिनभर की बिक्री का कैश बैंक में जमा नहीं हो सका। व्यापारियों के चेक क्लीयरेंस संबंधी भुगतान अटके, जबकि बैंक शाखा से जुड़े आरटीजीएस, एनईएफटी, खाते संबंधी काम, नकदी प्रबंधन प्रभावित रहा। ऑनलाइन छोटे तत्काल भुगतान जारी रहे। हड़ताल के बाद शनिवार, रविवार की छुट्टी से कारोबारियों के पास तीन दिन तक नकदी रहने की स्थिति बन गई है। नकदी सुरक्षा की चिंता भी बढ़ी है।

इससे इतर ऐसे सरकारी विभाग जहां कैश भी जमा होता है और यात्री सेवाएं दी जाती हैं, वहां भी जमा नकदी बैंक में जमा नहीं हुई। राष्ट्रीयकृत बैंकों के साथ निजी क्षेत्र के नैनीताल बैंक की शाखाओं में भी ताले नहीं खुले। दूसरी ओर, ऐसे बैंक जहां यूनियन प्रभावी नहीं है, वहां कामकाज हुआ। इनमें आईसीआईसीआई, एक्सिस, यस बैंक, एचडीएफसी, सिटी यूनियन बैंक शामिल हैं।

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यूनाइटेड फोरम ने किया प्रदर्शन
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने सिविल लाइंस स्थित इंडियन बैंक के बाहर प्रदर्शन किया। नारेबाजी कर मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। यूनाइटेड फोरम के जिला संयोजक नवींद्र कुमार ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर 28, 29, 30 सितंबर को हड़ताल, 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। 

मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह, पीएलआई विसंगति दूर करने, द्विपक्षीय समझौते की भावना का सम्मान करने, पेंशन अपडेशन, पुरानी पेंशन बहाली, हेल्थ इंश्योरेंस पर जीएसटी कम करने, बेहतर ग्राहक सेवा के लिए बैंकों में पर्याप्त भर्ती की मांग की। यूनाइटेड फोरम के अध्यक्ष पीके माहेश्वरी का कहना था कि सरकार को हठधर्मिता छोड़कर समस्या समाधान करना चाहिए। यहां फोरम के उपाध्यक्ष ओपी बढ़ेरा, संतोष तिवारी, महिला प्रकोष्ठ की रश्मि शर्मा, इंडियन बैंक के अधिकारी संघ के नेता अश्विन आर्य, जिला मंत्री संजीव मेहरोत्रा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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