बरेली के सीबीगंज में घर से ड्यूटी जाने के लिए निकले हल्द्वानी निवासी आईसीआईसीआई बैंक मैनेजर की सोमवार सुबह ऑटो में ही मौत हो गई। लोग इसे कार्डियक अरेस्ट से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि परिवार ने पोस्टमॉर्टम नहीं कराकर शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
स्लीपर रोड स्टेट बैंक गली निवासी 45 वर्षीय मनीष गुप्ता हल्द्वानी स्थित आईसीआईसीआई बैंक शाखा के प्रबंधक थे। वह सीबीगंज से हल्द्वानी के लिए रोज ट्रेन से अप-डाउन करते थे। रोज की तरह सोमवार सुबह घर से हल्द्वानी जाने के लिए ऑटो में बैठे।
ऑटो वाला उन्हें लेकर इज्जतनगर रेलवे स्टेशन पहुंचा। जब चालक ने उनसे उतरने को कहा तो कोई जवाब नहीं मिला। ऑटो ड्राइवर ने उन्हें हिला-डुला कर देखा तो वह एक ओर लुढ़क गए। तब ऑटो ड्राइवर ने आसपास के लोगों को उन्हें दिखाया।
ऑटो चालक ने घर पहुंचाया शव
तब पता लगा कि मनीष की मौत हो चुकी है। बाद में चालक मनीष के शव को लेकर सीबीगंज पहुंचा और मॉर्निंग वॉक को निकले लोगों से उनकी पहचान कराई। इसके बाद वह मनीष के घर उनका शव लेकर पहुंचा। मनीष के पिता नरेश गुप्ता को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया।
पत्नी से हुआ तलाक, साथ रहती है बेटी
नरेश गुप्ता ने बताया कि उनके बेटे मनीष गुप्ता की शादी 10 साल पहले बहेड़ी निवासी महिला से हुई थी। आठ वर्ष पूर्व पत्नी से मनीष का तलाक हो चुका है। नौ साल की बेटी पीहू है जो उन लोगों के पास ही रहती है।
कोरोना ने कमजोर किया शरीर, ये कार्डियक अरेस्ट ही है
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. विमल भारद्वाज ने बताया कि कोरोना काल में कई ऐसे लोग थे, जो गंभीर स्थिति से गुजरे थे। उनकी जान तो बच गई लेकिन शरीर के कई अंगों पर कोविड का असर पड़ा। इसमें कोविड वैक्सीन को दोष नहीं देना चाहिए क्योंकि वैक्सीन का दुष्प्रभाव तुरंत असर करता है। यहां कोरोना का दुष्प्रभाव सीधे असर डाल रहा है और कार्डियक अरेस्ट के मामले बढ़े हैं।