संविदा कर्मचारियों को मिल रहा कम मानदेय
उन्होंने कर्मचारियों की समस्या साझा करते बताया कि डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में तैनात संविदा कर्मचारियों को सरकारी आदेश के अनुसार 13 हजार रुपये मानदेय मिलना चाहिए, लेकिन उन्हें केवल 7500 रुपये ही दिए जा रहे हैं, जिसका कर्मचारी लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। वहीं इस मामले पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भानु प्रकाश का कहना है कि ये संविदा कर्मचारी ठेकेदार के माध्यम से रखे गए हैं और स्वास्थ्य विभाग का इनसे सीधा कोई लेना-देना नहीं है। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के कारण दिनभर नगर निगम में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
अन्य संगठनों ने किया घटना का विरोध
नगर स्वास्थ्य अधिकारी के साथ हुई घटना के बाद उत्तर प्रदेश सफाई मजदूर संघ घटना को गलत बताते हुए इसका विरोध किया है। अध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि किसी भी अधिकारी के साथ ऐसी व्यवहार करना सही नहीं है। अगर कोई समस्या है तो उसे बैठकर सुलझाया जा सकता है। अधिकारी का अपमान करने का किसी को अधिकार नहीं है।