फर्जी प्रपत्रों के जरिये बदली पहचान...अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा
पुलिस की प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ है कि बांग्लादेशी नागरिक मुनारा बी ने फर्जी तरीके से भारतीय प्रपत्र हासिल कर लिए। इन्हीं प्रपत्रों के जरिये उसने पहचान बदली और भारतीय पासपोर्ट हासिल किए। साथ ही उसे भारतीय नागरिकता भी मिल गई। पिछले दिनों सीबीगंज, अलीगंज, इज्जतनगर और भोजीपुरा थाना क्षेत्र में फर्जी प्रपत्र बनाने वाले रैकेट पकड़े गए थे। रैकेट में शामिल लोग फर्जी आधार व जन्म आदि प्रमाणपत्र मोटी रकम लेकर बनाते थे। जब से एसएसपी अनुराग आर्य ने घुसपैठियों को चिह्नित करने का अभियान चलाया, तब से कई जगह फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह पकड़े गए थे।
अमर उजाला ने इस मुद्दे को उठाते हुए अंदेशा जताया था कि इसी तरह के गिरोह संदिग्धों को फर्जी नागरिकता के लिए पहचान देने लायक प्रमाणपत्र दे सकते हैं। मुनारा ने 2011 में ही फर्जी दस्तावेजों से पहचान बदल ली थी। वर्तमान में भी फर्जी दस्तावेज बनाने का खेल चल रहा है। ऐसे में आशंका है कि अन्य घुसपैठियों ने भी पहचान बदली होगी। इसलिए फर्जी दस्तावेज बनाने वालों के खिलाफ जो मुकदमे दर्ज हुए हैं उसमें दस्तावेज हासिल करने वालों की जांच की जा रही है। पहचान बदलने वाले संदिग्धों के बारे में आम नागरिक भी पुलिस को सूचना दे सकते हैं।
एसपी सिटी मानुष पारीक ने कहा कि शहर निवासी महिला मुनारा बी की बांग्लादेशी पहचाग्का मामला सामने आया है, उसकी हाफिजगंज निवासी दो बहनों के प्रमाणपत्रों की सत्यता को लेकर भी संदेह है। इस मामले में प्रारंभिक जानकारी पर रिपोर्ट दर्ज की गई है, कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है। जल्दी ही सच्चाई सामने आ जाएगी जिसका खुलासा किया जाएगा।