खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने शहर से सटे गांव सैधरी स्थित कन्हैया फूड प्रोडक्ट्स के बने हाथी ब्रांड बेसन की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। लैब जांच में बेसन को मानव उपभोग के लिए असुरक्षित करार दिया गया। इसमें अखाद्य रंग मिटेनियल यलो मिलाया जा रहा था।
इसके अलावा अमेठी के जगदीशपुर स्थित सुल्तान इंटरप्राइजेज द्वारा निर्मित रंगीन कचरी और लखनऊ के आलमबाग स्थित गोविंदा फूड्स द्वारा निर्मित मुस्कान ब्रांड नमकीन में भी अखाद्य रंगों की मिलावट पाई गई। इनकी बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है।
खाद्य पदार्थों को आकर्षक बनाने के लिए प्रयोग किए जा रहे अखाद्य रंगों से स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा हो गया। इससे आमजन अभी अनजान हैं। अभिहीत अधिकारी डॉ. अमर सिंह वर्मा ने बताया कि हाथी ब्रांड बेसन का नमूना तिकुनिया के सेहनखेड़ा निवासी अनवार खां और अच्छन खां की दुकान से लिया गया था। मार्च में आई लैब रिपोर्ट में इस बेसन को स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित बताया गया है। साथ ही नमूने को मिथ्या छाप और अधोमानक पाया गया। इसकी सूचना संबंधित व्यापारी को देकर हाथी ब्रांड बेसन के निर्माण और बिक्री पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाया गया है।
सभी व्यापारियों को इस ब्रांड के बेसन की बिक्री न करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को भी दुकानों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माता फर्म कन्हैया फूड प्रोडक्ट्स को हाथी ब्रांड बेसन बैच नंबर एफईआर 2019 की बिक्री और निर्माण बंद करने का आदेश दिया गया है।