नवाबगंज। लखनऊ सेक्टर के ईओडब्ल्यू थाने में नगर पालिका की पूर्व अध्यक्ष शहला ताहिर, नगर पालिका परिषद में कार्यरत रहे पांच अधिशासी अधिकारियों समेत 16 लोगों पर दर्ज हुए दस करोड़ के घोटाले के मुकदमे में हाईकोर्ट ने राहत देते हुए सभी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
पिछले साल 20 मार्च को लखनऊ सेक्टर के ईओडब्ल्यू में उप निरीक्षक सत्यपाल गौड़ ने नगर पालिका परिषद की पूर्व अध्यक्ष शहला ताहिर, नगर पालिका परिषद में कार्यरत रहे ईओ हीरालाल प्रजापति, हरीलाल राम, नरेंद्र कुमार जौहरी, राजेश कुमार सक्सेना, नगर पालिका कर्मी विजय कुमार, अमर सिंह, सुरेशपाल, कैलाशचंद्र, रविंद्र कुमार शुक्ला, शिव कुमार, ठेकेदार वकील खां, मो. अफजाल, सलीम हैदर के खिलाफ घोटाले का मुकदमा दर्ज कराया था।
आरोप था कि सभी ने शासन द्वारा समय-समय पर निर्गत शासनादेशों के विपरीत जाकर बिना टेंडर आदि कराए एक ही फर्म को ठेका दे दिया था। इसके तहत नगरपालिका कर्मियों और ठेकेदारों के खाते में 10 करोड़ 41 लाख 24 हजार 216 रुपये हस्तांतरित किए गए।
इस मामले में मुकदमा लिखाया गया था। इसमें पूर्व अध्यक्ष ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने शहला व अन्याें की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। साथ ही जांच में सहयोग करने के लिए उनसे कहा गया है। संवाद