बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश स्पेशल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट राघवेंद्र मणि ने अपहरण करने और फिरौती मांगने के मामले में आरोपी इज्जत नगर थाना क्षेत्र के गांव रिछोला किफायतुल्ला निवासी विमल और क्योलड़िया थाना क्षेत्र के गांव चंदनपुर निवासी उमाशंकर की जमानत अर्जियां मंगलवार को खारिज कर दीं।
इससे पहले आठ जून को दो आरोपियों क्योलड़िया थाना क्षेत्र के गांव गुलड़िया निवासी हरनेश गंगवार और आकाश गंगवार की जमानत याचिकाएं निरस्त की जा चुकी हैं। बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के गांव कमुआ कलां निवासी युवक ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि नौ मई 2026 को वह और अमन व ओमवीर गांव परतापुर बाइक से गए थे। दूसरी बाइक पर सुरजीत और अभिषेक थे।
रास्ते में फिनिक्स मॉल के पास रात साढ़े नौ बजे एक क्रेटा कार बहुत तेजी से गुजरी। अमन और अभिषेक ने कार चालक को टोका तो गाड़ी ने उतरे तीन-चार लोगों ने उनको पीटा और अभिषेक को गाड़ी में डालकर ले गए। बाद में एक लाख रुपये फिरौती मांगी। जांच के दौरान पुलिस ने कार के साथ उमाशंकर को गिरफ्तार किया था। उसने हरनेश, विमल और आकाश के नाम बताए। सभी आरोपी जेल में हैं।
देह व्यापार के आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी निरस्त
बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश अभय श्रीवास्तव ने देह व्यापार निवारण अधिनियम के आरोपी बारादरी थाना क्षेत्र के डोहरा निवासी ढाबा संचालक गजेंद्र सिंह की अग्रिम जमानत याचिका मंगलवार को निरस्त कर दी। उसके खिलाफ सात फरवरी को भोजीपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने एक सूचना के आधार पर दिल्ली-लखनऊ हाईवे स्थित बिलवा पुल के पास एक ढाबा पर सात फरवरी को छापा मारा था। मौके से कई महिला और पुरुषों को गिरफ्तार किया गया। कुछ लोग भाग निकले। भोजीपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। गजेंद्र भी आरोपी है। उसने अग्रिम जमानत को वकील के जरिये कोर्ट में अर्जी दी थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उसकी अर्जी निरस्त कर दी है।