पीड़ित परिवार से मिलने पहुंची राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य
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बदायूं में सामूहिक दुष्कर्म की शिकार मृत महिला के परिजनों से मिलने पहुंची राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य चंद्रमुखी इस मामले में पुलिस की भूमिका से असंतुष्ट नजर आईं। उन्होंने साफ कहा कि इस घटना से साफ हो गया है कि पुलिस की भूमिका सही नहीं रही। जहां पुलिस का खौफ अपराधियों पर खत्म हो जाता है वहां अपराधी निरंकुश हो जाते हैं। वहीं ऐसी घटनाएं होती हैं।
राष्ट्रीय महिला की आयोग की सदस्य पूर्वाह्न लगभग 11 बजे मृत महिला के घर पहुंची और परिजनों से बातचीत की। उन्होंने मृतका के परिजन को सांत्वना दी। मीडिया से बातचीत में उन्होंने सार्वजनिक रूप से पुलिस की भूमिका पर अंसतोष जताया। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले में शुरू से ही ढिलाई बरत रही। परिजन की नहीं सुनी गई, पोस्टमार्टम में भी देरी की गई। यह मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है।
उघैती एसओ को निलंबित करने के सवाल पर कहा कि केवल एसओ को निलंबित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। आज जहां प्रदेश सरकार मिशन शक्ति और केंद्र सरकार बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ जैसी योजना चलाकर युवतियों और महिलाओं को मजबूत बनाना चाह रही है, वहीं इस घटना में पुलिस की भूमिका भरोसेमंद नहीं रही है।
समय-असमय घर से बाहर न निकलें महिलाएं
बातचीत के बीच राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ने महिलाओं को सुझाव दिया कि किसी के प्रभाव में आकर महिलाओं को समय-असमय घर से बाहर नहीं जाना चाहिए। हालांकि उन्होंने मिशन शक्ति और महिलाओं के सशक्तीकरण की वकालत भी की, लेकिन उनके इस बयान की भी काफी देर अलग-अलग ढंग से तक चर्चा होती रही।