इंडिया गठबंधन प्रत्याशी की जीत में गुन्नौर और सहसवान विधानसभा क्षेत्र की मतदाताओं की भूमिका मुख्य रही। भाजपा के दुर्विजय सिंह शाक्य को बदायूं, बिल्सी, बिसौली में जो बढ़ती मिली थी, वह अकेले ही गुन्नौर ने समाप्त कर दी थी। बाकी आदित्य यादव की जीत की राह सहसवान विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने आसान कर दी।
शिवपाल सिंह यादव ने दोनों विधानसभा क्षेत्रों में ऐसा चक्रव्यूह रचा कि भाजपा उनसे बाहर नहीं आ सकी। भाजपा ने सपा के कई जनप्रतिधिनियों को पार्टी की सदस्यता तो दिला दी, लेकिन वह इन लोगों के सहारे वोट पाने में नाकाम रही। नतीजा हार का सामना करना पड़ा।
शिवपाल सिंह यादव ने सबसे पहले बार बार उम्मीदवार बदलने को लेकर उठ रहे सवालों को यह कहते हुए समाप्त किया कि यह सपा की चुनावी रणनीति का हिस्सा है। इसके बाद दावा किया कि जो बगावती तेवर दिखा रहे हैं वे कल को सपा के साथ नजर आएंगे। हुआ भी ऐसा ही, उन्होंने बगावती तेवर अपना रहे पूर्व विधायक आबिद रजा को उनके घर जाकर मनाया।
फिर लखनऊ में अपने साथ ले जाकर सपा मुखिया अखिलेश यादव से उनकी मुलाकात कराई। उन्हें स्टार प्रचारक बनवाकर सम्मान दिया। बदले में बदायूं सदर विधानसभा सीट पर आदित्य यादव के लिए मजबूती हासिल की। इसके बाद पूर्व सांसद सलीम इकबाल शेरवानी की फोन पर अखिलेश यादव से बातचीत कराई। उनको आदित्य यादव के पक्ष में किया। तब कहीं जाकर शेरवानी ने अपने समर्थकों को सपा के पक्ष में सक्रिय किया।
वहीं बसपा के पूर्व विधायक हाजी बिट्टन का दखल सहसवान और बिल्सी में है। उन्हें पार्टी में शामिल कराके सहसवान और बिल्सी में मतों की संख्या बढ़ाई। चंदौसी की पूर्व विधायक लक्ष्मी गौतम को बिसौली क्षेत्र में सक्रिय करके सपा विधायक आशुतोष मौर्य के बगावती तेवर का जवाब दिया। इससे भाजपा के लिए चुनौती बढ़ गई। शिवपाल यादव के प्रयासों से मुस्लिम व यादव मतों की एकजुटता सामने आई और भाजपा तमाम प्रयास करने के बाद भी तोड़ नहीं सकी।
बदायूं, बिल्सी, बिसौली में मिली भाजपा की बढ़त को गुन्नौर ने ही कर दी थी समाप्त
बदायूं लोकसभा क्षेत्र में कुल पांच विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इनमें बदायूं, सहसवान बिल्सी, बिसौली और गुन्नौर शामिल है। बिल्सी, बिसौली और बदायूं में लगभग सभी जातियां के मतदाता है, लेकिन सहसवान और गुन्नौर में सर्वाधिक यादव मतदाताओं की संख्या है, हालांकि सहसवान में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या भी अच्छी खासी है।
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की डॉ. संघमित्रा मौर्य विजयी हुईं थीं। उनका टिकट काटकर भाजपा ने संगठन के क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य को प्रत्याशी बनाया था। भाजपा को इस बात का अंदेशा पहले से ही था कि गुन्नौर और सहसवान में यादव व मुस्लिम गठजोड़ से पार पाना आसान काम नहीं है।
ऐसे में उनकी अपनी पूरी ताकत यादव मतों को रिझाने के लिए लगाई थी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव तक की सभा कराई गई। यहां तक की गन्नौर इलाके के कद्दवार नेताओं में शुमार रखने वाले पूर्व राज्यमंत्री अजीत कुमार सिंह यादव उर्फ राजू भैया को भी इस काम में लगाया लेकिन सफलता हाथ लगी।
कहां कितनी मिली बढ़त जान लीजिए
भाजपा: बदायूं, बिल्सी और बिसौली में कुल बढ़त-41070
सपा-गुन्नौर-40,032
सपा-सहसवान-36,105
बदायूं विधानसभा क्षेत्र
भाजपा को मिले मत-1,02,952
सपा को में मिले मत-87,386
दोनों की बीच अंतर-15,566
बिल्सी विधानसभा क्षेत्र
भाजपा को मिले मत-90,753
सपा को में मिले मत-77,044
दोनों की बीच अंतर-13,709
बिसौली विधानसभा क्षेत्र
भाजपा को मिले मत-1,07,656
सपा को में मिले मत-95,861
दोनों की बीच अंतर-11,795
सहसवान विधानसभा क्षेत्र
भाजपा को मिले मत-82,950
सपा को में मिले मत-1,19,055
दोनों की बीच अंतर-36,105
गुन्नौर विधासभा क्षेत्र
भाजपा को मिले मत-82,012
सपा को में मिले मत-1,22,044
दोनों की बीच अंतर-40,032