बरेली। आर्थिक कमजोर वर्ग को आयुष्मान योजना (पीएमजेएवाई) के जरिए इलाज मुहैया कराने में बरेली को प्रदेश में पहले पायदान पर होने का गौरव हासिल है। अब तक बरेली में करीब 1.41 लाख लोगों का इलाज हो चुका है। इसमें किडनी, कैंसर सर्जरी, कीमोथेरेपी, डायलिसिस, कार्डियक एंजियोप्लास्टी, कैटरैक्ट मरीजों का सर्वाधिक इलाज हुआ है।
आयुष्मान योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक अनुराग अग्रवाल के मुताबिक सामाजिक एवं आर्थिक जनगणना 2011 के आधार पर चयनित आर्थिक कमजोर वर्ग के लोगों की सूची शासन से जारी हुई थी। योजना के शुभारंभ के साथ ही, बरेली में लाभार्थियों के कार्ड बनाने के लिए सरकारी, निजी अस्पतालों में आयुष्मान मित्र नियुक्त हुुए। गांव-गांव आयुष्मान योजना के कार्ड बनाने के लिए वाहन रवाना हुए। लोगों को योजना के प्रति जागरूक किया गया।
अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों का डाटा खोजकर उनके कार्ड बनाए गए। योजना से सूची में दर्ज लोगों को लाभान्वित करने के लिए अभियान चलाया गया था। नतीजा रहा कि साल 2020 में प्रदेश के सभी जिलों की तुलना में बरेली में सर्वाधिक कार्ड बनाए गए। बरेली पहले पायदान पर दर्ज हुआ। वहीं, अब तक 1.41 लाख से ज्यादा मरीजों को कार्ड के जरिए इलाज मुहैया कराने में भी बरेली अव्वल है। अब तक 19 राजकीय, 133 निजी अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत संबद्ध हो चुके हैं। इनमें सभी तरह के रोगों के इलाज संबंधी सेवाएं दी जा रही हैं।
12.22 लाख लोगों के बनने हैं कार्ड
स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक शासन द्वारा करीब 12.22 लाख लोगों को योजना से लाभान्वित किए जाने का लक्ष्य दिया गया है। अब तक 409578 कार्ड बनाए जा चुके हैं। बरेली जिले के 76602 और दूसरे जिलों के 65261 मरीजों का इलाज किया जा चुका है। भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड योजना के तहत 12267, अंत्योदय योजना के तहत 48129 कार्ड बनाए गए हैं। किसी अस्पताल द्वारा योजना के लाभार्थी को परेशान करने पर प्राप्त लिखित शिकायत के आधार पर नियमानुसार गठित समित की ओर से कार्रवाई भी की गई हैं।