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बदहाल स्वास्थ्य विभाग- मंडल के 56 स्वास्थ्य केंद्रों पर नहीं होती डिलीवरी

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बरेली। एडी हेल्थ राकेश दुबे की मंडलीय समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली की पोल खुल गई। उन्होंने अधिकारियाें से जिस किसी सेवा पर सवाल किया, उसमें झोल ही नजर आया। मंडल के 56 स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव के इंतजाम चौपट मिले तो एक हजार गांवों में अब तक आयुष्मान कार्ड न बनने की बात भी सामने आई। इस पर उन्होंने अफसरों को कड़ी फटकार लगाई। ओपीडी की व्यवस्थाएं सुधारने के साथ ही मरीजों से अच्छे व्यवहार की नसीहत दी। लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए भी लिखने को कहा।
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शनिवार को अपने कार्यालय में आयोजित बैठक में एडी हेल्थ राकेश दुबे ने सबसे पहले आयुष्मान भारत योजना के तहत गांवों में बन रहे हेल्थ वेलनेस सेंटर की समीक्षा की। इसमें बदायूं की हालत सबसे खस्ता मिली, यहां 30 सेंटर बनने थे लेकिन अब तक एक भी शुरू नहीं हो सका। पीलीभीत में 20 के सापेक्ष 12 और शाहजहांपुर में 30 के सापेक्ष 22 सेंटर ही शुरू हो सके। बरेली में 30 में से 28 सेंटर शुरू हो चुके हैं। इस पर एडी हेल्थ ने नाराजगी जताते हुए दिसंबर के अंत तक सभी सेंटरों को शुरू करने के निर्देश दिए। डिलीवरी प्वाइंट की हालत भी बेहतर नहीं मिली। बरेली के 11, पीलीभीत के आठ, बदायूं के चार और शाहजहांपुर के 33 ऐसे सीएचसी-पीएचसी मिले, जहां प्रसव नहीं हो पा रहे हैं। इस पर एडी हेल्थ ने सुधार कर रिपोर्ट देने को कहा। पुरुष नसबंदी में शाहजहांपुर को छोड़कर बाकी सभी जिलों की स्थिति खराब मिली। बरेली में पिछले साल 72 तो इस साल सिर्फ 36 नसबंदी हुईं। पीलीभीत में पिछले साल आठ और इस साल सिर्फ दो, बदायूं में पिछले साल पांच तो इस बार सिर्फ ही एक नसबंदी हो सकी। शाहजहांपुर में पिछले साल 12 नसबंदी की गयी थीं इस साल यह आंकड़ा बढ़कर 15 तक पहुंच गया है। आयुष्मान कार्ड बनाने की स्थिति भी खराब मिली। मंडल में करीब एक हजार से अधिक ऐसे गांव हैं, जहां आयुष्मान कार्ड नहीं बने हैं। इसमें बरेली के 151, बदायूं के 513, पीलीभीत के 100 और शाहजहांपुर के करीब दो सौ गांव हैं।
बहेड़ी और नबावगंज सीएचसी में डिलीवरी शुरू कराने के लिए एडी हेल्थ ने सीएमओ डॉ. विनीत कुमार शुक्ल से दो डॉक्टर देने को कहा है, जिन्हें वहां तैनात किया जाएगा। उन्होंने सीएमओ, सीएमएस और एसीएमओ को निर्देश दिए कि अस्पताल में व्हील चेयर, भोजन, दवाआें की व्यवस्था दुरुस्त रखें। ओपीडी में सुधार करने की जरूरत है। गांव में बच्चे की हालत बिगड़ने पर आशा वर्कर को 102 एंबुलेंस से बच्चे को सीधे संबंधित एसएनसीयू वार्ड में लेकर पहुंचने के लिए निर्देशित करने को कहा। संक्रामक रोग और टीबी रोगियों पर ध्यान देने को कहा। टीबी रोगियों को मिलने वाला पैसा भी समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में सीएमओ डॉ. विनीत कुमार शुक्ल, एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम, सीएमएस डॉ. टीएस आर्या, महिला अस्पताल सीएमएस डॉ. अलका शर्मा आदि मौजूद रहे।
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