नैनीताल रोड पर बसे मुड़िया मुर्करमपुर में केसर चीनी मिल के पास लीज पर करीब ढाई सौ एकड़ से ज्यादा जमीन भी थी। चीनी मिल से छीनी गई इस जमीन पर मेगा फूड प्लाजा बनाया जाना है। इसके लिए पैमाइश भी की जा चुकी है। इस बीच खनन माफिया की नजर इस जमीन पर लग गई। उन्होंने रातों रात जेसीबी मशीनों से सैकड़ों डंपर मिट्टी खोदकर बेच डाली। बताया जा रहा है कि मिट्टी को उत्तराखंड ले जाकर बेचा गया। ग्रामीणों के अनुसार यह करतूत दरऊ गांव के एक खनन माफिया की है। डंपरों के आने-जाने के कारण गांव के किसानों की फसलें भी खराब हो रही हैं। हद तो ये है कि गांव वाले विरोध करते हैं तो खनन माफिया मारपीट पर उतर आते हैं। गांव वालों की चिंता ये भी है कि उनके गांव में किच्छा नदी का पानी पहले भी घुसता रहा है। अब खनन के बाद मुड़िया मुर्करमपुर और सतुइया में बाढ़ की विभीषिका बढ़ने की आशंका है।
किच्छा नदी से भी हो रहा खनन
शीशगढ़। धर्मपुरा गांव के पास किच्छा नदी से ट्रालियों में रेता भरकर ले जाए जाने की जानकारी ग्रामीणों ने पुलिस को दी। लोगों का कहना है कि रेता खनन कर माफिया इसे दूसरे गांवों में बेच रहे हैं। इससे नदी के गांव की तरफ कटान का खतरा बढ़ता जा रहा है। एसओ बच्चू सिंह यादव का इस पर कहना है कि उन्होंने हल्का दरोगा को भेजा था लेकिन खनन करता कोई पकड़ा नहीं गया।
वर्जन-
प्रशासन की सहमति से कोई खनन नहीं हो रहा है। तहसीलदार को भेजकर जांच करवाकर मुड़िया मुर्करमपुर में अवैध खनन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।-रामेश्वर नाथ तिवारी एसडीएम बहेड़ी।
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